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अपराध लोक: गला ठीक करने के लिए ऑपरेशन करना पड़ेगा... कहकर किशोरी से कर डाला था दुष्कर्म

Fri, 27 Sep 2024 05:29 PM IST
कुमार अतुल न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

विलियम्स किशोरी को संगीत की शिक्षा देता रहा। एक दिन 16 साल की किशोरी को घर में अकेला देखकर उसकी नीयत डोल गई।

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. - फोटो : amar Ujala
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विस्तार
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सम्राट बनाम विलियम्स का केस सहमति के सिद्धांत को स्थापित करने वाले प्रमुख मामलों में से एक है। सबसे पहले आपको इसके तथ्यों से वाकिफ कराते हैं। इंग्लैंड में विलियम्स एक संगीत शिक्षक था। वह मोजार्ट, ऑपेरा, सिम्फनी आदि की शिक्षा देता था। एक किशोरी के परिजनों ने उसे अपनी बेटी को संगीत की शिक्षा देने के लिए नियुक्त किया था। 
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कुछ दिनों तक तो विलियम्स किशोरी को संगीत की शिक्षा देता रहा। एक दिन 16 साल की किशोरी को घर में अकेला देखकर उसकी नीयत डोल गई। विलियम्स ने किशोरी से कहा कि उसका गला संगीत के लिए उपयुक्त नहीं है। उसे ठीक करने के लिए उसे एक छोटा सा ऑपरेशन करना पड़ेगा। किशोरी ने गला ठीक करने के लिए ऑपरेशन करने की अनुमति दे दी। धूर्त संगीत शिक्षक ने ऑपरेशन करने के नाम पर किशोरी के कपड़े उतारे और दुष्कर्म कर दिया। 

किशोरी ने यह बात जब परिजनों को बताई तो उन्होंने संगीत शिक्षक के खिलाफ हर्जाने के लिए केस दर्ज कर दिया। यहां यह भी बताते चलें कि इंग्लैंड में दुष्कर्म के मामले में सिविल अदालत में भी मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है और आपराधिक अदालत में भी। सिविल अदालत दोषी से हर्जाना दिलाती है जबकि आपराधिक अदालत दोषी को कारावास से दंडित करती है। 
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मामला जब कोर्ट के पास गया तो संगीत शिक्षक के वकील ने तर्क प्रस्तुत किया कि जो कुछ भी हुआ सहमति से हुआ। किशोरी के सहमति देने पर संगीत शिक्षक आगे बढ़ा था। लेकिन न्यायालय ने संगीत शिक्षक की ओर से प्रस्तुत किए गए तर्क को ठुकरा दिया गया। न्यायालय ने कहा कि अगर आरोपी पीड़िता को धोखे में रखकर सहमति लेता है तो उसे वैध सहमति नहीं माना जाएगा। इस मामले में सहमति का तर्क नहीं दिया जा सकता। क्योंकि किशोरी ने ऑपरेशन की सहमति दी थी, यौन संबंध बनाने की नहीं। न्यायालय ने संगीत शिक्षक को दोषी करार दिया। इस मामले की अपील की गई। अपील में भी उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।
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