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होमवर्क नहीं हुआ तो बच्चों के कपड़े उतार दिए, कोचिंग के बाहर तमाशा

Sun, 13 Mar 2016 07:49 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • होमवर्क पूरा नहीं हुआ तो 2 बच्चों के साथ गुलामों जैसा सलूक
  • दिनदहाड़े बच्चों को नग्न करके कोचिंग से बाहर निकाल दिया
  • आधा घंटा इसी हालत में दरवाजे के बाहर बिलखते रहे मासूम
  • बच्चों के घरवालों से पूछकर दी गई ऐसी सजा-आरोपी टीचर
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होमवर्क न होने पर बच्चों के कपड़े उतारे - फोटो : TOI
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विस्तार
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अगर शिक्षा देने वाले शिक्षक ही अपराधियों जैसा सलूक करने लगें और बच्चों को सजा के नाम पर घिनौनी यातनाएं देने लगें तो हो चुका भला इस समाज का। मायानगरी में एक कोचिंग सेंटर ने दो बच्चों को ऐसी सजा दी कि जितनी आलोचना की जाए कम है।
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पनिशमेंट और यातनाओं में फर्ख होता है। टीचर तो उस कुम्हार के समान होता है जो घड़ा बनाते वक्त गीली मिट्टी पर अंदर से एक हाथ लगाए होता है और बाहर से उसे गोलाई देता जाता है। लेकिन मुंबई के मलाड वेस्ट के मालवानी स्थित श्री ट्यूटोरियल कोचिंग सेंटर में दो बच्चों को मिली सजा से पूरा शिक्षा जगत शर्मसार हो गया। 

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक दो मासूमों को होमवर्क पूरा न करने की भारी कीमत उठानी पड़ी। कोचिंग के टीचरों ने बच्चों को निर्वस्त्र कर उन्हें कोचिंग से बाहर खड़ा कर दिया। दिनदहाड़े 8-9 साल के दो नग्न बच्चों को बाहर खड़ा देख लोगों की भीड़ जुट गई। बच्चे रो रहे थे। तभी एक एनजीओ के कुछ लोग मौके पर पहुंच गए और रोते-बिलखते बच्चों का ऐसी हालत में वीडियो बना लिया। नग्न बच्चों की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 
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इस मामले में कोचिंग के टीचरों के खिलाफ तहरीर भी एनजीओ ने ही दी। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत कोचिंग के मालिक गणेश नैयर और टीचर सरोज नैयर के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया। लेकिन अब तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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आधा घंटे तक रोते-बिलखते रहे मासूम

'घरवालों से पूछकर बच्चों को दी ऐसी सजा' - फोटो : demo
मालवानी पुलिस के मुताबिक शुक्रवार को अंजाम दी गई इस वारदात का वीडियो जब ऑनलाइन वायरल हो गया तो उन्हें कार्रवाई के लिए विवश होना पड़ा।

हालांकि पीड़ित लड़कों के परिजनों ने कोचिंग सेंटर के खिलाफ किसी भी तरह की शिकायत करने से मना किया है। पीड़ितों के परजनों की मानें तो उनके बच्चे पढ़ाई में कमजोर है। इसलिए टीचर ने उनकी सलाह लेकर ही बच्चों को ऐसी सजा दी।

एनजीओ 'लाइट इन लाइट' के शकील पटानी ने मीडिया को बताया कि जब लड़कों को बिना कपड़ों के करीब आधा धंटे तक दरवाजे के बाहर खड़ा कर दिया गया, तब उनके एक सहयोगी ने बच्चों का वीडियो बना लिया। बच्चे बुरी तरह से व्याकुल थे और रो रहे थे। वहां पर भीड़ जमा हो गई थी। सभी इस बात पर एकमत थे कि बच्चों को दी गई ये सजा तुरंत रोक दी जाए और उन्हें कोचिंग के अंदर आने दिया जाए।

पुलिस की मानें तो ये बच्चों के माता-पिता ने शिकायत की नहीं है और टीचरों का कहना है कि घरवालों के बात करके ही ऐसी सजा दी गई। ऐसे में इस मामले में अभी और तफ्तीश बाकी है। उसके बाद ही पुलिस कुछ बयान दे पाएगी।
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