शीना बोरा हत्याकांड के आरोपों में घिरीं इंद्राणी मुखर्जी पर जेल में हिंसा फैलाने का आरोप लगा है। इंद्राणी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बाइकुला जेल में महिला कैदी की मौत और बिगड़े हालातों के बाद जांच बिठाई गई थी और ऐसा सामने आया है कि इंद्राणी ने हिंसा भड़काने के लिए बाकी महिला कैदियों को उकसाया।
दरअसल, एक महिला कैदी मंजूला शेटे की मौत के बाद जेल में बाकी महिला कैदियों प्रदर्शन शुरू कर दिया था। जेल प्रशासन ने हालातों पर काबू पा लिया, लेकिन इसके खिलाफ जांच बैठाई गई। मुंबई मिरर की खबर के मुताबिक शुरुआती जांच में पता चला है कि इंद्राणी ने कैदियों को प्रदर्शन के लिए उकसाया और बच्चों को ढाल बनाकर विरोध करने की सलाह दी।
विरोध प्रदर्शन में करीब 200 महिला कैदी शामिल थीं, जिन्होंने वहां मौजूद गार्ड्स के हाथापाई की और जेल की छत पर भी चढ़ गईं। महिलाओं का आरोप था कि उनकी साथी मंजूला शेटे को जेल अधिकारियों को इस कदर प्रताड़ित किया कि उसकी दिल के दौरे से मौत हो गई।
मंजूला की मौत पर बवाल होने के बाद जेल सुपरीटेंड मनीषा पोखारखर और पांच गार्ड के खिलाफ मर्डर का केस रजिसटर्ड कर लिया गया। लेकिन महिला कैदी इससे संतुष्ट नहीं थी और उन्होंने विरोध शुरु कर दिया।