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जो युवतियां राम रहीम को भगवान मानती थीं, उन्हीं का यौन शोषण

Wed, 30 Aug 2017 09:08 AM IST
amarujala.com, Presented by: देव कश्यप
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अदालत के अंदर 10-10 मिनट तक दोनों पक्षों के वकीलों ने जज के सामने दलीलें दीं। सीबीआई के वकील ने पीड़िताओं का दर्द उजागर किया।
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डेरा मुखी के वकील सुरेंद्र कुमार गर्ग नरवाना ने अदालत के सामने डेरा मुखी के कमजोर स्वास्थ्य से लेकर समाज सेवा के 133 काम गिनाए। साथ ही कहा कि 18 साल पुराना केस है। इसके बाद किसी अन्य मामले में डेरामुखी को दोषी नहीं ठहराया गया है। लिहाजा इन मामलों में इन वजहों को ध्यान में रखा जाए और कम से कम सजा सुनाई जाए।

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उधर, सीबीआई के वकील एचपीएस वर्मा ने अदालत से डेरा मुखी को सख्त सजा देने की बात कही। कहा कि दोनों पीड़िता डेरा मुखी को पितातुल्य मानती थीं और भगवान की तरह उनकी पूजा करती थीं। लेकिन डेरा मुखी ने उनका विश्वास तोड़ा और उन्हें शारीरिक तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। सीबीआई के वकील ने यह भी कहा कि दोनों पीड़िताएं डेरा मुखी के संरक्षण में डेरे में रहती थीं लेकिन डेरा मुखी ने उनके साथ जो बर्ताव किया वह बंधक बनाकर बलात्कार करने से कम नहीं था। ऐसे में गुरमीत राम रहीम को सख्त से सख्त सजा दी जाए।
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बचाव पक्ष के वकील ने यह कहते हुए डेरा मुखी के साथ सजा में नरमी बरतने की अपील की कि उनकी उम्र 50 साल है और वह पिछले आठ वर्षों से हाइपर-टेंशन, गंभीर डायबिटीज और पीठ दर्द से पीड़ित हैं। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि उनके मुवक्किल सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी करते रहे हैं इसलिए उनकी सजा कम की जाए।

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इस पर सीबीआई के वकील ने कहा कि, डेरा मुखी ने भक्तों के बीच खुद को गॉडमैन की तरह पेश किया था और अपने इसी आडंबर का बेजा फायदा उठाते हुए बलात्कार की घटनाओं को अंजाम दिया। यह कोई साधारण मामला नहीं बल्कि रेयरेस्ट ऑफ रेयर मामला है जिसका समूचे समाज पर असर पड़ा है। लिहाजा अपराधी को अधिकतम सजा मिलनी चाहिए। 

अपराधी बहुत प्रभावशाली व्यक्तित्व है और इसलिए उसे अधिकतम सजा देकर इस कद के अपराधियों और समाज को कड़ा संदेश पहुंचाना जरूरी हो गया है। अपराधी ने अपने पद और प्रभाव का बेजा इस्तेमाल करते हुए असहाय और अभागी पीड़िताओं के साथ बलात्कार किया है और इस बारे में किसी को बताने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की भी धमकी दी है। लिहाजा अपराधी को सजा देते समय इस बात का भी ख्याल रखा जाए।
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