कभी ब्लैंक कॉल, कभी फेसबुक कमेंट, कभी मोबाइल पर अश्लीलता तो कभी शादी की जिद और बात न मानने पर जान से मारने की धमकी। शाहरुख खान की फिल्म डर की तरह सुभाष नगर की लड़की को एक साल से परेशान कर डिप्रेशन में ला देने वाले इस तक आखिर पुलिस पहुंच ही गई।
उसकी मां से मिलने के बाद पुलिस ने राशन कार्ड और स्कूल के सर्टिफिकेट देखे तो पता चला कि इसकी उम्र तो 16 साल है लेकिन अभी सातवीं का छात्र है। खुद मां-बाप भी परेशान है कि हैं हर वक्त फोन पर लगा रहता है। यह लड़की को अलग-अलग नंबर से फोन करता था इनमें से कई की आईडी ही नहीं मिली। एक फोन की आईडी उसकी मां के नाम की निकली तो पुलिस उस तक पहुंच पाई।
लड़के की शातिर चालों पर हर कोई हैरान
पुलिस और लड़की ही नहीं उसके घरवाले भी हैरान हैं कि उसने ऐसी शातिर चालें कैसे चलीं। यह सोचा ही नहीं था कि ऐसा करने वाला एक कम उम्र का लड़का होगा। एक साल पहले दर्ज मुकदमे में क्राइम ब्रांच ने उसका नाम रवि राजपूत लिखा था। वह इसी नाम से लड़की को अपना परिचय दे रहा था लेकिन अब उसका असली नाम खोल दिया गया है।
पुलिस ने उसके घर वालों को उसे जल्द हाजिर करने को कहा है यदि ऐसा नहीं हुआ तो दुबारा दबिश देकर जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है। घटना करीब एक साल पुराना है। मार्च 2016 के पहले सप्ताह में सुभाषनगर इलाके की एक लड़की के फोन पर मिस्ड काल आई। लड़की ने पलटकर फोन कर लिया तो तब लड़के ने सामान्य बात की। बाद में उसने लगातार फोन करके परेशान करना शुरू कर दिया।
सनकी को पकड़ने के लिए बिछाया गया जाल
लड़की के अनुसार उसने इस कथित रवि राजपूत तक पहुंचने के लिए उसे फेसबुक पर फ्रैंड भी बना लिया। 31 मार्च 2016 को आईटी एक्ट के तहत उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया और डराया तो भी आरोपी ने फोन करना बंद नहीं किया। करीब छह महीने पहले उसके फोन की लोकेशन पता कराने के बाद लड़की उसे पकड़वाने की मंशा से परिवार वालों के साथ मेरठ पहुंच गई।
जहां लड़की ने उसे बुलाया वहां वह पहुंच तो गया लेकिन सामने नहीं आया। फोन पर उसने लड़की के कपड़ों का रंग बताते हुए कहा कि उसने उसे देख लिया है लेकिन सामने नहीं आएगा क्योंकि उसे पता है कि वह उसे पकड़वा देगी। यही नहीं लड़की वापस आने को बस में बैठी तो भी उसने बता दिया कि मैं तुम्हें देख रहा हूं तुम इस बस में हो। उसने लड़की के भाई और पिता का नंबर भी कहीं से हासिल कर लिया था।
ऐसे हुई पहचान
पुलिस ने लड़की को कॉल करने वाले सारे नंबरों की आईडी मंगाई। इसमें से एक नंबर पर प्रवेशनगर, नई बस्ती, थाना मेडिकल, मेरठ के नाम से एक आईडी मिल गई जो इस लड़के की मां की थी। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर शिव रतन यादव ने इसी के सहारे तलाश शुरू कर दी। पता चला कि ये परिवार पहले प्रवेशनगर में किराए के मकान में रहता था। आरोपी की मां से बात हुई थी, कह रही थी कि लड़का उनकी भी नहीं सुनता है। दिन भर फोन पर लगा रहता है। आरोपी के बारे में पता लगने के बाद मुकदमे में उसका नाम खोल दिया है।