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बुर्का पहनकर वरिष्ठ पुलिसकर्मी अस्पताल के लेबर रूम में घुसा, मामला दर्ज

क्राइम डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 30 Sep 2018 08:42 AM IST
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केरल के इडुकी जिले के थोडुपुझा में एक वरिष्ठ सिविल पुलिस अधिकारी महिला के भेस में लेबर रूम में चला गया। उसने बुर्का पहना हुआ था जिस कारण उसे कोई पहचान नहीं पाया। लेकिन जब वहां मौजूद लोगों को कुछ संदिग्ध लगा तो उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया, जिसके चलते गलती से पुलिस वाले के चेहरे से नकाब हट गया।

जानकारी के मुकाबिक 42 वर्षीय नूर समीर को लगता था कि महज एक बुर्का पहनने से वह पहचान में नहीं आएगा। लेकिन उसकी कद काठी और चलने के ढंग ने उसकी पोल खोल दी। घटना शुक्रवार रात 8 बजे की बताई जा रही है। समीर कोलामावु पुलिस स्टेशन में कार्यरत है। वह अल-अशर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में आया था।



समीर के चलने के ढंग को देखकर लेबर रूम में मौजूद एक महिला को शक हुआ। वह समीर के करीब गई तभी समीर को लगा कि वह खतरे में है। जिसके बाद वह वहां से भागने लगा। वहां मौजूद सिक्योरिटी स्टाफ ने उसका पीछा किया लेकिन वह उन्हें भी पीटने लगा। वहां से भागने की कोशिश में लगा रहा। उसी दौरान समीर के चेहरे से नकाब हटने के बाद एक अन्य व्यक्ति ने पहचान लिया कि वह पुलिस वाला है। उतने ही लोगों ने पुलिस को फोन किया लेकिन जब तक पुलिस आती तब तक समीर वहां से भाग चुका था।

मामले पर थोडुपुझा के सब इंस्पेक्टर वीसी विष्णुकुमार का कहना है, 'हमने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 419 और 354 सी के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच चल रही है लेकिन समीर की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।' बता दें पुलिस अभी तक इस बात का पता नहीं लगा पाई है कि समीर लेबर रूम में क्यों गया था।

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केरल के इडुकी जिले के थोडुपुझा में एक वरिष्ठ सिविल पुलिस अधिकारी महिला के भेस में लेबर रूम में चला गया। उसने बुर्का पहना हुआ था जिस कारण उसे कोई पहचान नहीं पाया। लेकिन जब वहां मौजूद लोगों को कुछ संदिग्ध लगा तो उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया, जिसके चलते गलती से पुलिस वाले के चेहरे से नकाब हट गया।

जानकारी के मुकाबिक 42 वर्षीय नूर समीर को लगता था कि महज एक बुर्का पहनने से वह पहचान में नहीं आएगा। लेकिन उसकी कद काठी और चलने के ढंग ने उसकी पोल खोल दी। घटना शुक्रवार रात 8 बजे की बताई जा रही है। समीर कोलामावु पुलिस स्टेशन में कार्यरत है। वह अल-अशर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में आया था।

समीर के चलने के ढंग को देखकर लेबर रूम में मौजूद एक महिला को शक हुआ। वह समीर के करीब गई तभी समीर को लगा कि वह खतरे में है। जिसके बाद वह वहां से भागने लगा। वहां मौजूद सिक्योरिटी स्टाफ ने उसका पीछा किया लेकिन वह उन्हें भी पीटने लगा। वहां से भागने की कोशिश में लगा रहा। उसी दौरान समीर के चेहरे से नकाब हटने के बाद एक अन्य व्यक्ति ने पहचान लिया कि वह पुलिस वाला है। उतने ही लोगों ने पुलिस को फोन किया लेकिन जब तक पुलिस आती तब तक समीर वहां से भाग चुका था।

मामले पर थोडुपुझा के सब इंस्पेक्टर वीसी विष्णुकुमार का कहना है, 'हमने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 419 और 354 सी के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच चल रही है लेकिन समीर की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।' बता दें पुलिस अभी तक इस बात का पता नहीं लगा पाई है कि समीर लेबर रूम में क्यों गया था।

6 महीने की हो चुकी है जेल

वहीं मामले पर थोडुपुझा के डिप्टी एसपी केसी जोस का कहना है, 'वह कोई गंभीर अपराध करने के लिए लेबर रूम में गया था। उसे शनिवार को सस्पेंड कर दिया गया है और मामले की जांच चल रही है।'

जांच करने पर पता चला है कि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा जब समीर नामक इस पुलिसकर्मी ने ऐसा कुछ किया हो। इससे पहले साल 2017 में उसे और उसके तीन साथियों को इसलिए गिरफ्तार किया गया था क्योंकि उन्होंने खुद को नशीले पदार्थों के मामले को ट्रैक करने वाले मुख्यमंत्री की विशेष टीम का हिस्सा बताया था।

जिसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गाय। अभी हाल ही में उसने दोबारा ड्यूटी ज्वाइन की थी। उसके खिलाफ पहले ही दो बार आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं और 6 महीने की जेल भी हुई है।
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