‘जब मैं डेरे में रहती थी तो साध्वियां अकसर मुझसे पूछती थी कि क्या बाबा ने तुम्हे माफ कर दिया है..., जब मैं इस बात का मतलब उनसे पूछती थी, तो वे साध्वियां मुझपर हंसती थी...लेकिन उसका मतलब कभी नहीं बताती थी।’
लेकिन, यौन उत्पीड़न का शिकार होने के बाद संबंधित साध्वी को मालूम चला कि बाबा द्वारा माफ किए जाने वाली बात साध्वियों के साथ हो चुके यौन उत्पीड़न का कोर्डवर्ड था।
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डेरामुखी के खिलाफ बेधड़क ढंग से खड़ी होकर उन्हे सलाखों के पीछे तक पहुंचाने वाली एक साध्वी ने इस बात का खुलासा सीबीआई के समक्ष अपने बयानों में किया था। साध्वी के इस बयान को सीबीआई ने डेरामुखी केखिलाफ जुटाई जा रही ऐविडेंस रिपोर्ट का खास हिस्सा बनाया था।
जीवन की गलतियां पूछते, फिर माफ करने की बात कहते थे डेरामुखी
दरअसल, यौन पीड़ित का शिकार होकर भी डेरे में रहने को मजबूर साध्वियां जब इस साध्वी से इस कोडवर्ड में बात करती थी, तो वे जानने का प्रयास करती थी कि क्या संबंधित साध्वी के साथ भी डेरामुखी ने गलत कर दिया है या नहीं? चूंकि अभी तक इस साध्वी के साथ डेरामुखी ने यौन शोषण नहीं किया था, तब तक वे इस कोडवर्ड को समझ नहीं पाई। लेकिन यौन उत्पीड़न के बाद इस साध्वी को भी इस कोडवर्ड का मतलब समझ में आया और इस जानकारी का जिक्र उसने अपने बयानों में भी किया।
जीवन की गलतियां पूछते, फिर माफ करने की बात कहते थे डेरामुखी
डेरामुखी के खिलाफ मुखर हुई इस पीड़ित साध्वी के अनुसार बाबा अकेले गुफा में बुलाते थे और उसे अपने साथ बिठाकर डेरे में साध्वी बनने के बाद के अनुभव पूछते थे। उसके बाद बाबा जीवन की वे गलतियां पूछते थे, जो उन्होंने कभी जाने-अनजाने में की हो।
साध्वी जब उन अनुभव व गलतियों के बारे में उन्हे बताती थी, तो बाबा कहते थे कि उन्हे चिंता करने की जरूरत नहीं हैं, क्योंकि वे अब साध्वी बन चुकी है और उनकी साध्वी बनने से पहले जीवन की गई सभी गलतियों को मैने अब माफ कर दिया है, साध्वी बनाए जाने के बाद तुम अब पवित्र हो गई हो।
तुमने तन-मन मुझे समर्पित कर दिया है। उसके बाद जबरन उनके साथ गुफा में यौन शोषण किया जाता था। इस साध्वी ने सीबीआई को ये भी बताया था कि बहुत से साध्वियां तो ऐसी थी, जिन्हे यौन उत्पीड़न के बाद भी डेरे में मजबूरी में रहना पड़ता था, क्योंकि उनके परिजन डेरामुखी के कट्टर भक्त थे।