आर्मी के एक शीर्ष कमांडर (जेएस संधू) ने बयान जारी करते हुए कहा है कि मूसा की जड़ें कश्मीर में धीरे-धीरे कटती नजर आ रही हैं। केवल कुछ ही लोग हैं जो मूसा के आतंकी संगठन को अपना रहे हैं। घाटी में हालात पिछले वर्ष की तुलना में काफी सामान्य हैं।
मूसा हिज्बुल मुजाहिदीन का पूर्व कमांडर है। आतंकी संगठन मूसा से जुड़ा एक और संगठन अंसार-गजावत-उल-हिंद है जो कश्मीर के लोगों को बरगलाने की कोशिश कर रहा है। आतंकी संगठन मूसा ने कहा था कि उसका एकमात्र उद्देश्य कश्मीर में इस्लामिक राज्य की स्थापना करना है।
सेना के कमांडर ने यह बात एक पब्लिक स्कूल के समारोह के दौरान पत्रकारों से कही। यहां वह कंप्यूटर संग्रहालय का उद्घाटन करने आए थे। शीर्ष कमांडर ने आगे कहा कि कुछ स्थानीय युवक जरूर घाटी में आतंकी संगठन में शामिल हुए हैं लेकिन मुझे उम्मीद है कि वह भी वक्त रहते ही वहां से वापस आ जाएंगे।
हालांकि पिछले वर्ष की तुलना की जाए तो इस वर्ष कश्मीर के हालातों में सुधार आया है।