डकैतों ने परिवार को बंधक बना लिया और अपने लूटपाट के काम में जुट गए। तभी पीड़ित परिवार की बेटी ने कुछ ऐसा किया कि डकैतों को उल्टे पांव भागने को मजबूर होना पड़ा। जानिए ऐसा क्या हुआ।
घटना उत्तर प्रदेश के पीलीभीत की है। बहादुर बेटी की सूझबूझ ने किसान निर्मल सिंह के घर घुसे डकैतों को उल्टे पांव भागने पर विवश कर दिया। डकैतों ने बैठक में सो रहे पिता से किसी तरह दरवाजा खुलवाकर बंधक बना लिया।
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अंदर के दरवाजे खुलवाने की कोशिश कर रहे थे इसी बीच आहट पाकर उनकी 21 साल की बेटी रेखा छत पर गई और यूपी 100 को कॉल कर दिया। कुछ देर में ही पुलिस की सायरन बजाती गाड़ी गांव में घुसी जिसे सुनकर बदमाश बिना वारदात किए ही फरार हो गए।
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम ज्योराह कल्यानपुर में रहते हैं किसान निर्मल सिंह। शनिवार रात को वह बैठक में सो रहे थे। परिवार के अन्य सदस्य मकान के भीतर बने कमरों में थे। देर रात दो बजे दरवाजे पर खटखट हुई तो निर्मल ने दरवाजा खोल दिया।
फाइल
तभी बाहर खड़े आठ में से पांच बदमाश भीतर आ गए। किसान को तमंचे के बल पर बंधक बना लिया। पांचों के मुंह ढंके हुए थे। निर्मल को धमकाकर भीतर अन्य कमरों की ओर जाने वाले दरवाजे खुलवाने लगे।
इधर आहट सुनकर परिवार के लोग पहले ही जाग चुके थे। पिता के बंधक बनाए जाने का अहसास होने पर एमए की पढ़ाई कर रही बेटी रेखा ने चालाकी से काम लिया। बिना शोर किए वह छत पर गई और यूपी 100 को वारदात की सूचना दी, जिसके चंद मिनट बाद ही पुलिस गांव में पहुंच गई।
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पुलिस की गाड़ी का सायरन सुनकर बदमाश घबरा गए और किसान को मौके पर छोड़ खेत की ओर भाग निकले। पुलिस ने पीड़ित किसान और उसके परिवार वालों से घटना की जानकारी की। इसके बाद ग्रामीण भी जमा हो गए। आसपास के खेतों में बदमाशों को तलाशा गया।