तंजील हत्याकांड में गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी मुनीर पुलिस की पूछताछ में नए-नए खुलासे कर रहा है। मुनीर ने बिजनौर पुलिस को बताया है कि वह हत्याकांड के बाद कैसे भागा और उसका अब इरादा क्या था।
एनआईए अफसर तंजील अहमद व उनकी पत्नी फरजाना को गोलियों से छलनी करने वाला शातिर अपराधी मुनीर को किसी का डर नहीं था। डबल मर्डर करने के बाद भी वह बेखौफ होकर बाइक से घूम रहा था। सोमवार को मुनीर बाइक से अकेला गाजियाबाद पहुंचा था और अपने साथी अदनान उर्फ सफर के साथ उसके फ्लैट पर रहा था।
तंजील अहमद व उनकी पत्नी फरजाना के मर्डर के मुख्य आरोपी तंजील को भारी भरकम पुलिस महकमा जगह-जगह खोजता रहा, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आया। पर सच्चाई यह है कि मुनीर पुलिस से इस दौरान डरा नहीं और बेखौफ होकर घूमता रहा। मुनीर ने फरारी में किसी बड़े वाहन का इस्तेमाल नहीं किया।
अपनी बाइक से ही वह अपने ठिकानों पर आता जाता रहा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सोमवार को मुनीर दिन में लखनऊ से अकेला बाइक चलाकर गाजियाबाद में अपने साथी अदनान उर्फ सफर के फ्लैट पर ठहरा था। एसटीएफ नोएडा व पुलिस को यह जानकारी थी कि मुनीर अदनान के फ्लैट पर आएगा।
मुनीर अदनान को साथ लेकर मुंबई भागने के लिए दिल्ली के लिए निकल गया। बाइक उसने गाजियाबाद में ही खड़ी कर दी। एसटीएफ व पुलिस ने दिन में फ्लैट पर छापा मारा तो कोई नहीं मिला। रात में मुनीर को दिल्ली से मुंबई जाने के लिए कोई बस नहीं मिली तो मुनीर वापस आ गया। और रात में अदनान के फ्लैट पर ही रुक गया।
जरा सी तकरार पर बन जाता था जान का दुश्मन
मंगलवार सुबह करीब पांच बजे एसटीएफ व पुलिस ने फिर से फ्लैट पर छापा मारा तो मुनीर वहां मिल गया। पुलिस ने उसे दबोच लिया। मुनीर को विश्वास नहीं था कि पुलिस यहां तक उसके पीछे आ जाएगी। मुनीर को अगर मुंबई जाने के लिए बस मिल जाती तो पुलिस के हाथ लगना बेहद मुश्किल था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुनीर का इरादा मुंबई को ठिकाना बनाकर छिपने का था। यह सारी बात मुनीर ने बिजनौर से पूछताछ के लिए गई पुलिस टीम को बताई हैं। पुलिस का कहना है कि तंजील व उसकी पत्नी का मर्डर करने के बाद भी मुनीर बाइक से ही बिजनौर से फरार हुआ था।
जरा सी तकरार पर बन जाता था दुश्मन
शातिर अपराधी मुनीर साइको की तरह का अपराधी है। जरा सी बात भी वह अपने दिल पर लगा लेता था। किसी से जरा सी तकरार होने पर उसकी जान का दुश्मन बन जाता था और जान लेकर ही शांत होता था। एनआईए अफसर तंजील पर भी उसने ताबड़तोड़ पर इसी तरह गोलियां बरसाईं थीं। मुनीर नहीं चाहता था कि तंजील अहमद बच जाए। मुनीर के मन में यह बात आई थी कि तंजील उसे धामपुर की बैंक लूट में पकड़वाना चाहता है। तभी से उसने तंजील को ठिकाने लगाने की ठान ली थी।
फरजाना की जान नहीं लेना चाहता था मुनीर
तंजील अहमद की पत्नी फरजाना की मुनीर जान लेना नहीं चाहता था। मुनीर का मकसद केवल तंजील को मारना था। बिजनौर की पुलिस टीम ने जब मुनीर से सवाल किया कि कार में सवार तंजील के दोनों बच्चों को उसने क्यों नहीं मारा तो मुनीर ने कहा कि बच्चों को वह क्यों मारता। वह तो फरजाना की जान भी नहीं लेना चाहता था। तंजील पर चलाई गोली फरजाना को लग गईं, जिससे उसकी भी जान चली गई।