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भारत में स्पीड ब्रेकर की वजह से रोजाना होती हैं 10 मौतेंः रिपोर्ट

Tue, 28 Feb 2017 05:04 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें स्पीड ब्रेकर के कहर को दर्शाया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक देश में स्पीड ब्रेकर से रोजाना 10 लोगों की मौत होती है। दरअसल, आकंड़ों के मुताबिक साल 2015 में 11 हजार लोगों सड़क हादसों से जान गई, इसमें 3409 मौतों का कारण स्पीड ब्रेकर बने।
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इतना ही नहीं रोज के 30 हादसों में से 10 हादसों के पीछे स्पीड ब्रेकर होते हैं। आकंड़े देखे जाए तो स्पीड ब्रेकर की वजह से करीब 6073 मौतें साल 2015 में मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में हुईं। वहीं अकेले यूपी, तमिलनाडु और कर्नाटक में इसी दौरान करीब 1794 मौते इसी वजह से हुईं। हालांकि, ये सच भी सामने आया है कि साल 2014 के मुकाबले 2015 में सड़क दुर्घटनाएं कम हुई हैं।
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नियमों में अनदेखी होता है दुर्घटना का कारण

बताया जा रहा है कि स्पीड ब्रेकरों को बनाने में नियमों की अनदेखी बहुत की जाती है। कहीं स्पीड ब्रेकर बाइक्स के हिसाब से होते हैं वो ट्रकों के हिसाब से नहीं होते और कहीं ट्रकों के हिसाब से बनाए जाते हैं तो वे बाइकों के हिसाब से नहीं होते। 

नियमों के मुताबिक स्पीड ब्रेकरों की चौड़ाई 3.7 मीटर और ऊंचाई करीब 0.10 मीटर होनी चाहिए। इतना ही नहीं रोड पर स्पीड ब्रेकर बनाने के बाद उसके पास साइन बोर्ड का लगाया जाना भी जरूरी है, लेकिन ज्यादातर इन नियमों की अनदेखी की जाती है।
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