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राजस्थान: पिछले तीन साल में 2,200 से भी अधिक नाबालिगों के साथ हुआ रेप

Wed, 04 Jul 2018 12:07 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला
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नाबालिग बच्चों के साथ रेप और शोषण के मामले राजस्थान में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आंकड़ों की बात करें तो साल 2015-2017 में बाल शोषण के कुल 3,897 मामले सामने आए थे। जिसमें से 1,877 मामले बच्चों की शारीरिक प्रताड़ना के थे जबकि 139 बच्चों की हत्या के।

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इस दौरान यह बात भी सामने आई कि रेप और छेड़छाड़ से पीड़ित लड़कियों की उम्र 6 साल से भी कम थी। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के मुताबिक साल 2014-2016 के बीच में 27 ऐसी लड़कियों के साथ शारीरिक शोषण हुआ जिनकी उम्र 6 साल से कम थी।

पॉक्सो कोर्ट की कमी

राजस्थान में इन आंकड़ों के लगातार बढ़ने के बावजूद भी राज्य सरकार ने हर जिले में पॉक्सो कोर्ट स्थापित नहीं किए हैं। गृह विभाग के आंकड़ों की मानें तो अब तक 4,952 मामलों में 6,615 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसके साथ ही 824 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं 137 मामले अभी भी विचाराधीन हैं।
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नाबालिगों के साथ रेप के मामले 2014 के बाद कम होने की बजाय लगातार बढ़े हैं-
 

साल  6 साल 6-12 साल 12-16 साल 16-18 सल कुल
2014 6 37 195 539 777
2015 13 45 235 422 715
2016 8 48 315 426 797



राजस्थान के बाड़मेर में 8 साल की बच्ची से रेप, हत्या और फिर दोबारा रेप

21 जून को बाड़मेर के गिराब इलाके में स्थित उनरोद गांव में एक 8 साल की बच्ची का उसके नाना-नानी के घर से अपहरण किया गया। मामले में दर्ज शिकायत के अनुसार आरोपी ने पहले तो बच्ची के साथ रेप किया। इसके बाद जब बच्ची ने चीखना शुरू किया तो आरोपी ने बच्ची का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। मासूम के साथ इतनी घिनौनी हरकत करने के बाद भी वह आदमी रुका नहीं। उसने उसकी हत्या करने के बाद भी उसके साथ रेप किया। मामले के 11 दिन बाद तक भी कोई अधिकारी या नेता पीड़िता के परिवार से मिलने नहीं आया।

हालांकि सोमवार को नागौर जिले के सांसद हनुमान बेनीवाल पीड़िता के परिवार से मिलने उसके गांव पहुंचे। उन्होंने बच्ची के परिवार को सांत्वना दी और 1 लाख रुपये की मदद देने को कहा। बेनीवाल ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं बेहद डरावनी हैं और राज्य सरकार से पीड़िता के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का अनुरोध किया।

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