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रेप केस में वकील की दलील-राम रहीम, आशाराम भी तो बाल बच्चेदार हैं

Wed, 30 Aug 2017 06:03 PM IST
amarujala.com, Presented By: विकास जांगड़ा
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rape with minor girl
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राम रहीम को रेप केस में सजा सुनाए जाने के बाद इस केस की दलील अब वकील दूसरे रेप केसों में भी देने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला मुरादाबाद में सामने आया। अभियोजन पक्ष ने आशाराम बापू, राम रहीम के केस का उदाहरण देते हुए मुल्जिम को कठोर सजा दिलाने की मांग की थी। 
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नागफनी के साढ़े तीन साल पुराने नाबालिग के अपहरण और रेप केस में एफटीसी द्वितीय सत्य प्रकाश द्विवेदी की अदालत ने मुल्जिम विशाल को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है, जबकि चालीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।  

ये है पूरा मामला

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नागफनी थाने में एक जनवरी 2014 को एक महिला ने विशाल निवासी मंसूरपुर थाना चांदपुर (जिला बिजनौर) के खिलाफ केस दर्ज कराया था। आरोपी शादीशुदा है और वह नागफनी क्षेत्र में ही किराये पर रहता था। महिला ने आरोप लगाया था कि विशाल उसकी नाबालिग बेटी को अगवा कर ले गया है।

पुलिस ने पीड़िता को बरामद करकर उसका मेडिकल कराया था। जिसमें बलात्कार की पुष्टि हुई थी। पीड़िता ने भी अपने बयानों में कहा था कि विशाल ने उसके साथ बलात्कार किया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट/ फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक सत्य प्रकाश द्वितीय की अदालत में चल रही थी। 
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वकील बोला- विशाल बाल बच्चेदार कम सजा दें

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मुल्जिम और उसके अधिवक्ता ने कहा था कि विशाल बाल बच्चेदार है। वह पीड़िता को क्यों अपने साथ लेकर जाएगा। उसे झूठा फंसाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शायकीय अधिवक्ता रेशमा बेगम ने बाबा राम रहीम, आशाराम बापू के उदाहरण देते हुए तर्क रखा कि ये सभी बाल बच्चेदार हैं। इन्हें भी इनके अपराधों की सजा मिली है। 

अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुल्जिम विशाल को घटना का दोषी करार दिया। अदालत ने धारा 263 में चार साल की सजा और दस हजार का अर्थदंड, धारा 366 में पांच साल की सजा और दस हजार रुपये का अर्थदंड जबकि धारा 376 में दस साल की कैद की सजा और बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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