मोबाइल की लत बड़ों ही नहीं अब बच्चों की भी जिंदगी नर्क करने लगी है। 9 साल के बच्चे पर मोबाइल का जूनून इस कदर हावी हो गया कि उसने अपने हाथ की नस काट ली। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चौथी क्लास में पढ़ने वाले इस बच्चे का अब सर गंगाराम अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हालांकि शुरुआत में बच्चे को स्थानीय डॉक्टरों के पास ले जाया गया लेकिन मामला गंभीर होने के बाद गंगाराम अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां के डॉक्टर राजीव मेहता के मुताबिक उनकी जानकारी में अभी तक का सबसे छोटा बच्चा है, जिसने मोबाइल के लिए ऐसा कदम उठाया।
'टाइम बचाना' पड़ा महंगा
बच्चे के दोनों परिजन कामकाजी हैं। मां जहां लेक्चरर हैं वहीं, पिता एक बिजनेसमैन है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने 'टाइम बचाने' और बच्चे के मनोरंजन के लिए उसे मोबाइल दे दिया।
धीरे-धीरे मोबाइल बच्चे की आदत बन गया और अब तो हालात ये हो गए थे बच्चा खाते वक्त तक भी यू-ट्यूब पर वीडियोज देखता रहता या खेलता रहता।
एक साल पहले ही लगने लगा था कि मोबाइल की लत पड़ रही है
परिजनों के मुताबिक उन्हें एक साल पहले ही अहसास होने लगा था कि अब बच्चे की मोबाइल की आदत लत बन रही है। अगर बच्चे से मोबाइल ले लिया जाता तो वह जिद करने लगता था और गुस्सा दिखाता था। लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह एक दिन अपनी जान देने पर ही उतारू हो जाएगा।
काउंसलिंग के दौरान भी डॉक्टर हैरान रह गए जब उन्होंने देखा कि बच्चे ने बाहर खेलने की बजाय मोबाइल गेम्स को चुना।