दिल्ली निवासी प्रीति राठी को मुंबई कोर्ट से इंसाफ मिल गया है। हत्यारे अंकुर पंवार को कोर्ट ने सजा-ए-मौत यानी फांसी की सजा सुनाई है। बुधवार को सजा पर बहस के दौरान विशेष सरकारी वकील उज्वल निकम ने दोषी को फांसी की सजा देने की मांग की जबकि बचाव पक्ष के वकील ने अपनी दलीलें दी।
दोषी अंकुर की सजा पर सुबह ही बहस शुरू हो गई थी और मामले की गंभीरता को देखते हुए रेयर ऑफ द रेयरेस्ट करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई गई।
प्रीति के ट्रेन से उतरते ही किया तेजाब से हमला
preeti rathi
मालूम हो कि दिल्ली के नरेला की रहने वाली प्रीति राठी दो मई 2013 को ट्रेन से नौसेना के आईएनएचएस अश्विनी अस्पताल में नर्स की नौकरी ज्वाइन करने मुंबई आईं थीं। प्रीति बांद्रा स्टेशन पर उतरी थीं, उसी दौरान उस पर एसिड हमला हो गया था जिससे वह बुरी तरह से झुलस गईं थीं।
इस घिनौनी हरकत के बाद प्रीति का नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसके फेंफड़ों पर काफी चौटे आई है। हमले की वजह से प्रीति पूरी तरह झुलस गई थी और उसकी एक महीने बाद मौत हो गई।
खबरों के अनुसार अंकुर अपने साथ प्रेम संबंध में आने के लिए प्रीति को अक्सर तंग किया करता था।
इस बीच अपने प्रस्ताव के ठुकरा जाने के बाद अंकुर ने प्रीति को सबक सिखाने का फैसला ले लिया। अंकुर के तेजाब फेंकने के बाद प्रीति को काफी चौंटे आई थी और वह करीब एक महीने तक घायल हालत में हॉस्पिटल में तड़पती रही। बताया जाता है कि इस हमले में प्रीति के फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंचा था।