मुंबई से सभी के दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आयी है। मामले में मुंबई पुलिस के पुत्र ने बड़ी ही क्रूरता के साथ अपनी मां को मार डाला और साथ ही एक 'खूनी' मैसेज उनकी बॉडी पर लिख छोड़ा। इन्हीं सुबूतों के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। खार पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर गनौर के लिए यह मामला दोगुना दुख देने वाला है। ज्ञानेश्वर इंद्राणी मुखर्जी को गिरफ्तार करने वाली जांच टीम का हिस्सा थे। गनौर अपनी खून में सनी अपनी मृत पत्नी दीपाली गणोर (42) को घर के पूल से ढूढ़ने के बाद अपने बच्चे सिद्दांत के गायब होने की पुष्टि की।
खार पुलिस थाने के इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर गनौर ने शीना बोरा हत्याकांड के मामले में इंद्राणी मुखर्जी को गिरफ्तार करने वाले अधिकारियों में से एक थे। जब वह आधी रात के आसपास सांताक्रूज पश्चिम में प्रभात कॉलोनी के अपने फ्लैट में लौटे तो घर के दरवाजे लॉक थे। उन्होंने अपनी पत्नी को आवाज दी लेकिन उसे क्या पता कि वह मौत की नींद सो चुकी है। जब वह दरवाजा दूसरी चाभी से खोलकर घर पहुंचा तो उसकी पत्नी पूल में मृत पड़ी थी। जिसके बाद गनौर ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी।
पुलिस के अनुसार वह गनौर के बेटे सिद्दांत की तलाश कर रहे है। सिद्दांत की उम्र 21 साल है और वह बीएससी लास्ट इयर का छात्र है। आरोपी छात्र ने अपनी मां को मारकर उसके खून से लिखा कि वह मुझे पकड़ने में थक गई और मुझे लटका दिया। सिद्दांत को पुलिस ने जोधपुर पुलिस ने होटल ड्रूम से गिरफ्तार किया है। मां दिपाली का कत्ल करने के बाद वह यहां ठहरा हुआ था।
मुंबई पुलिस को सूचना मिलते ही वह उसे अपने साथ मुंबई ले गई। आरोपी सिद्दांत अपनी मां को मारने के लिए किचेन की चाकू का सहारा लिया था। सिद्दांत ने पुलिस को अपनी मां को मारने की वजह बताया कि वह उनसे परेशान था। वह बार- बार मार्कशीट में मिले अंकों के बारे में पूछती और अंकों के बारे में जानने के लिए कॉलेज जाने के लिए बोल रही थी। उसने मर्डर करने की एक और वजह बताया कि उनके माता-पिता के बीच अक्सर झगड़े होते थे जो उसे पसंद नहीं आते थे, और वह पिछले कुछ समय से अपनी मां से नाराज चल रहा था।