एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी में हुई एलएलएम की छात्रा के साथ छेड़छाड़ मामले में जांच समिति ने शुक्रवार को पीड़ित छात्रा, उसके सहपाठियों के अलावा लाइब्रेरी स्टाफ के भी बयान दर्ज किए।
छात्रा ने समिति के सामने पूरी घटना को मौखिक तौर पर तो बयान किया ही, साथ में लिखित रूप से भी बयान दिया है। उसने बयान में कहा कि उसके सहपाठी अलंकार उपाध्याय ने उसके साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें की।
लाइब्रेरी स्टाफ ने घटना की जानकारी होने से इंकार कर दिया जबकि छात्रा के सहपाठियों ने भी कहा कि घटना उनके सामने नहीं हुई। गर्ल्स हास्टल की वार्डेन के भी बयान हुए। जांच समिति ने आरोपी छात्र के बयान दर्ज करने के लिए भी 17 अक्तूबर की तारीख तय की है। उसे बुलाने के लिए पंजीकृत डाक से पत्र भेजा गया है।
नौ सदस्यीय जांच समिति के सामने शुक्रवार को पीड़ित छात्रा बयान दर्ज कराने पहुंची। उससे पहले छात्रा के माता-पिता ने कुलपति से मुलाकात की। वीसी ऑफिस में ही एलएलएम के बाकी छात्रों को बुलाया गया। हालांकि बयान डीएसडब्ल्यू कार्यालय में अपराह्न दो बजे हुए। छात्रा ने समिति के सामने पूरी घटना दोहराई।
छात्रा ने बताया कि ढाई से तीन बजे के बीच घटना हुई। केंद्रीय पुस्तकालय के रीडिंग रूम से बाकी छात्र खाना खाने चले गए थे। एक अन्य छात्रा भी फोन पर बात करते हुए बाहर चली गई। उसी वक्त अलंकार उपाध्याय ने उसे अकेला पाकर छेड़छाड़ की। छात्रा ने अपना बयान लिखित में भी कमेटी को सौंपा है।
सहपाठियों ने कहा कि वह जब खाना खाने गए तब अलंकार लाइब्रेरी में मौजूद था। हालांकि घटना उनके सामने नहीं हुई। जब वे खाना खाकर लौटे तो पीड़ित छात्रा लाइब्रेरी के बाहर बैठी थी। उसने उस वक्त कुछ नहीं बताया।
रजिस्टर में दर्ज है सबकी हाजिरी
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आरोपी छात्र के व्यवहार के बारे में पूछने पर छात्रों ने बताया कि उसका व्यवहार ठीक नहीं रहता था। उन छात्रों से भी बात की गई जो हॉस्टल में आरोपी छात्र के बगल वाले कमरे में रहते थे। उनका कहना था कि वह उससे ज्यादा बात नहीं करते थे। लाइब्रेरी के स्टाफ से पूछताछ हुई।
उनका कहना था कि उनको घटना की जानकारी नहीं। गर्ल्स हॉस्टल की वार्डेन का कहना था कि छात्रा ने उन्हें घटना के बारे में नहीं बताया। शिकायत होने के बाद उनको इसकी जानकारी मिली। अब ब्वॉयज हास्टल के वार्डेन, विभागाध्यक्ष और आरोपी छात्र के बयान होंगे। 17 अक्तूबर को आरोपी छात्र को बुलाया गया है।
जांच समिति ने लाइब्रेरी के उस रजिस्टर को भी देखा जिसमें लाइब्रेरी में आने वाले छात्रों की हाजिरी लगती है। उसमें छात्रा, आरोपी छात्र और बाकी सहपाठियों के हस्ताक्षर थे। हालांकि जाते वक्त के हस्ताक्षर नहीं है।
वहीं इस मामले में जांच समिति की नोडल अधिकारी प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता का कहना है कि, पीड़ित छात्रा, उसके सहपाठियों, लाइब्रेरी के स्टाफ के बयान दर्ज हो गए हैं। छात्रा ने कहा है कि उसके साथ छेड़छाड़ की घटना हुई है। अब 17 अक्तूबर को आरोपी छात्र को बुलाया है।