जम्मू और कश्मीर के उड़ी सेक्टर में हमले के बाद भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के ऊपर लगातार दबाव बना रहा है। इसमें सिंधु जल संधि हो या मोस्ट फेवर्ड नेशन के दर्जे की समीक्षा की कोशिश शामिल है। इस समीक्षा के लिए 29 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठक करेंगे, जिसमें विदेश और वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी हिस्सा लेंगे।
मोदी सरकार का यह कदम उन्हीं कोशिशों का हिस्सा है, जिसके तहत आतंकवाद को सपोर्ट करने वाला पाकिस्तान का चेहरा सामने आ सके। भारत यह कोशिश भी कर रहा है कि पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित किया जा सके। मोदी सरकार की इन्हीं कोशिशों के बाद मोस्ट फेवर्ड नेशन दर्जा छिने जाने पर अमर उजाला डॉट कॉम पर अपने पाठकों से उनकी राय जाननी चाही। पाठकों को सवाल दिया गया कि क्या मोदी सरकार को पाकिस्तान से MFN का दर्जा तत्काल वापस ले लेना चाहिए?
इसमें पाठकों को तीन विकल्प दिए गए पहला हां, दूसरा नहीं और तीसरा कुछ कह नहीं सकते। इस पोल में कुल 6,479 पाठकों ने हिस्सा लिया, जिसमें सबसे अधिक 94.18 फीसद यानी 6,102 पाठकों ने पहले विकल्प को चुना। इनका मानना है कि मोदी सरकार को पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लेना चाहिए। वहीं 4.63 फीसद यानी 300 पाठकों ने दूसरे विकल्प को चुना और 1.19 फीसद यानी 77 पाठकों ने कुछ कह नहीं सकते को चुना।