अलीगढ़ में महानगर के दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय से शनिवार को दिनदहाड़े चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की 10 वर्षीय बेटी को कार सवारों द्वारा अगवा कर लिया गया। वह तो गनीमत कि बच्ची चालाकी और साहस का परिचय दिखाते हुए गांधीपार्क बस स्टैंड पर गाड़ी रुकते ही रोते हुए कूद गई।
जिसे एक टिर्री चालक ने संरक्षण तो दिया। मगर वह भी उसे लेकर कयामपुर के जंगलों में पहुंच गया। जहां रोती बच्ची की मदद में खेतों में काम कर रहे लोग आ गए, जिन्होंने टिर्री चालक को दबोचकर जमकर पीटा और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल बच्ची को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस तहरीर के आधार पर जांच कर रही है।
मूल रूप उझयानी बदायूं निवासी यतेंद्र शर्मा दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात हैं। वे परिवार सहित कैंपस में ही सरकारी आवास में रहते हैं। उनकी इकलौती 10 वर्षीय बेटी रुद्रांशी विजडम पब्लिक स्कूल में 4थी कक्षा की छात्रा है।
शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बच्ची मां से दस रुपये लेकर अस्पताल के गेट पर दुकान से अपने लिए चिप्स लेने निकली। तभी कैंपस में ही घूमती मारुति वैन सवार तीन लोग उसे झटके से कार में अगवा कर ले गए। बच्ची को चीखने तक का मौका नहीं दिया। इसके बाद कार सीधे गांधीपार्क बस स्टैंड पर रुकी और उसमें से एक व्यक्ति खिड़की खोलकर उतरा। इसी दौरान किसी तरह बच्ची झटके से रोते हुए उस व्यक्ति के पीछे उतर गई और चिल्लाने लगी।