बीआरडी मेडिकल कॉलेज के न्यू यूजी छात्रावास में एक छात्र सुमित सिद्धार्थ ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या का कारण डिप्रेशन माना जा रहा है। सोमवार को सुमित सिद्धार्थ का पैथोलॉजी का सप्लीमेंट्री पेपर था। एमबीबीएस छात्र सुमित सिद्धार्थ की तीन विषयों में सप्लीमेंट्री थी।
माइक्रोबॉयोलॉजी, फार्मा और पैथोलॉजी विषय में उसे पासिंग मॉर्क्स नहीं मिले थे। वह चिंता में था कि उसे इन विषयों की परीक्षा दोबारा पास करनी होगी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रविवार की रात से ही छात्र के नजर न आने पर बगल के कमरे में रहने वाले साथी ने मंगलवार की सुबह उसका दरवाजा खटखटाकर आवाज दी। कोई जवाब न मिलने पर आसपास के कमरों के छात्र भी वहां जुट गए। सुबह नौ बजे दरवाजे के ऊपर लगी जाली से छात्रों ने झांककर देखा तो 2014 बैच के एमबीबीएस छात्र सुमित सिद्धार्थ का शव पंखे से लगे फंदे से लटक रहा था।
छात्रों ने वार्डन को इसकी जानकारी दी। वार्डन डॉ. शहबाज अहमद और असिस्टेंट वार्डन डॉ. विनय सिंह ने प्राचार्य गणेश कुमार को और उन्होंने गुलरिहा थानाध्यक्ष और मेडिकल कॉलेज चौकी इंचार्ज को जानकारी दी। पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा तोड़ा वहां दुर्गंध फैल गई।
अनुमान लगाया जा रहा है कि सुमित सिद्धार्थ ने रविवार की देर रात में आत्मघाती कदम उठाया होगा। फोरेंसिक टीम ने कमरे का गहन निरीक्षण किया। आलमबाग लखनऊ निवासी सुमित सिद्धार्थ के परिजनों को कॉलेज प्रशासन ने फोन से सूचना दी।