बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुणे के एक शख्स पर लगे बलात्कार के आरोप को उस वक्त खारिज कर दिया जब आरोपी ने पीड़िता को बतौर समझौता राशि 10 लाख रुपए देने के लिए तैयार हो गया।
बलात्कार का आरोप लगाने वाली 23 वर्षीय लड़की अभी सात माह की गर्भवती है। पीड़िता गीता पाटिल ने जब मामले में समझौता करने के लिए दो जजों अभय ओका और अमजद सैयद की बेंच में अपील दायर की तो जजों ने विशेष परिस्थितियों को देखते हुए समझौता कराने के लिए तैयार हो गए।
आरोपी समीर शिंदे को समझौते के लिए सपथपत्र देने के लिए कहा। समीर पहले से शादीशुदा था। अदालत ने पीड़िता की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए लगता है कि दोनों के बीच सहमति से संबंध बने हैं। लेकिन युवती के पेट में पल रहे मासूम के सुरक्षित भविष्य के लिए एक निश्चित रकम जमा करराना जरूरी है।