यूपी के बरेली में पेशे से ट्रक ड्राइवर शख्स को उसकी ही बीवी और ससुराल वालों ने मौत के घाट उतार दिया। पुलिस नें बीवी, ससुर समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आगे की तफ्तीश चल रही है।
टाइ्म्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबित मृतक काफी वक्त से अपनी ससुराल में ही रह रहा था। लेकिन साल भर पहले जब वह बीमार हुआ तो चिकित्सकीय जांच से पता चला है कि वह एचआईवी से संक्रमित है। यानी वह जानलेवा और लाइलाज बीमारी का शिकार बन चुका था।
मृतक ने भोजीपुरा तहसील स्थित एआरटी यानी एंटी-रेट्रो वायरल थेरेपी सेंटर जाना शुरू कर दिया। मृतक खमरिया गांव का रहने वाला था। साल 2013 में अट्टा पट्टी की रहने वाली महिला से उसकी शादी हुई थी। करीब डेढ़ साल पहले बीमार रहने के कारण वह अपनी ससुराल में रहने लगा था।
बीवी और ससुराल वालों ने उसका गला घोंट दिया
वो पास के एंटी-रेट्रो वायरल थेरेपी सेंटर जाने लगा
- फोटो : demo
बुधवार के दिन शख्स संदिग्ध हालातों में मृत मिला। उसकी बीवी और रिश्तेदार उसकी अचानक हुई मौत का संतुष्ट जवाब नहीं दे सके। यही नहीं बीवी और ससुराल वालों ने पुलिस को खबर करने के बजाय मृतक के घरवालों को खबर की और उसके अंतिम संस्कार की तैयारियां करने लगे। लेकिन जब मृतक के घरवाले पहुंचे तो उन्हें लाश पर चोट के कुछ निशान दिखाई पड़े। देर न करते हुए उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया कि हत्या गला घोंटने से हुई। मृतक की बीवी, ससुर और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
भोजीपुरा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर जेपी यादव ने बताया कि मृतक के परिवार वालों के बयान दर्ज किए गए है। पीड़ित परिवार के मुताबिक मृतक की बीवी और उसके ससुर घर में एड्स के मरीज को नहीं झेल सके, शायद यही वजह रही होगी हत्या करने की। इंस्पेक्टर यादव ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।