एक ओर केंद्र सरकार 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म के दोषी को फांसी दिए जाने का कानून ला रही है, वहीं दूसरी ओर ये वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही है। उत्तर प्रदेश के हाथरस से ऐसा ही मामला सामने आया। यहां आठ वर्षीय बच्ची की हत्या के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक पड़ोसी विनोद (35) पुत्र सत्यप्रकाश दुष्कर्म करने के इरादे से गुरुवार सुबह बच्ची को गली से अगवा कर अपने घर ले गया था। अपनी हैवानियत को छिपाने के लिए आरोपी ने गला दबाकर बच्ची को मारने की कोशिश की जिससे वह बेहोश हो गई। आरोपी ने उसको बोरे में रखकर ऊपर से तेजाब डाल दिया। बुरी तरह झुलसने से बच्ची की मौत हो गई। पलिस का कहना है कि फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ था कि नहीं।
एएसपी अरविंद कुमार ने पत्रकारों को बताया कि बच्ची का शव बरामद होने के बाद उसके पिता ने पड़ोसी विनोद पर शक जताया। जब आरोपी से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने सच उगल दिया। विनोद ने बताया कि बच्ची के कपड़े उतारने के बाद उसका दुष्कर्म का इरादा बदल गया। उसने सोचा कि कपड़े उतारने की बात बच्ची परिजनों को बता सकती है।
इस पर उसने हत्या करने की मंशा से बच्ची का गला दबा दिया। इसके बाद उसको बोरे में बंद कर बैटरी से तेजाब निकालकर ऊपर से डाल दिया। आरोपी ने शव वाले बोरे को पड़ोस में रहने वाली अपनी रिश्ते की मौसी सुशीला पत्नी वेदप्रकाश के मकान की छत पर रख दिया। सुशीला और बच्ची के पिता के बीच दुकान का विवाद चल रहा है। विनोद ने सोचा कि सुशीला की छत पर शव मिलने से लोग उस पर शक करेंगे और वह बच जाएगा।
एएसपी ने बताया कि शव के पोस्टमार्टम के बाद स्लाइड तैयार की गई है। इसे जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है या नहीं। आरोपी के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रेस वार्ता में सीओ सादाबाद योगेश कुमार और एसएचओ केपी सिंह भी मौजूद रहे।