उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक युवक की पीट पीट कर हत्या कर दी गई है। दअसल, होलिका की लकड़ी के लिए चुपके से पेड़ काट रहे लोगों ने विरोध करने पर बृहस्पतिवार की रात पड़ोसी युवक को पीट-पीटर मार डाला। उसके ऊपर कुल्हाड़ी से भी कई वार किए गए।
घरवालों का आरोप है कि होली के बहाने पट्टे की जमीन की रंजिश निकालने के लिए वारदात को अंजाम दिया गया। शनिवार को कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर घरवालों ने शव नहीं उठने दिया। किसी तरह अफसरों ने समझाया तो अंतिम संस्कार हुआ। पत्नी की तहरीर पर चार के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है।
राम सजीवन प्रजापति (40) पुत्र होलई फरीदपुर गांव का रहने वाला था। मजदूरी के साथ ही वह खेती भी करता था। पुलिस के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात करीब 11.30 बजे चार-पांच लोग रामसजीवन के घर के बाहर लगा जामुन का पेड़ काटने लगे। आवाज सुनकर बाहर आए रामसजीवन ने इसका विरोध किया तो उन लोगों ने हमला बोल दिया। लाठी-डंडों के साथ ही हमलावरों ने कुल्हाड़ी से भी वार किए।
सिर में गंभीर चोट लगने के कारण राम सजीवन की मौके पर ही मौत हो गई। शोरशराबा सुनकर गांववाले दौड़े, लेकिन तब तक हमलावर भाग चुके थे। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घरवालों का आरोप है कि हमलावरों ने जमीन की रंजिश में साजिश के तहत हत्या की है।
उधर पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार शाम शव घर लाया गया तो स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई। शनिवार सुबह परिजनों ने मुआवजे की मांग करते हुए शव उठाने से इंकार कर दिया। दरवाजे पर ही शव रखकर विरोध जताने लगे। सूचना पर स्थानीय पुलिस के साथ ही सीओ सोरांव जीतेंद्र गिरि व एसडीएम सोरांव विनय कुमार सिंह पहुंचे ओर परिजनों को समझाया।
पांच घंटे की मान-मनौव्वल के बाद घरवाले माने और तब जाकर करीब 1.30 बजे शव अंतिम यात्रा के लिए ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि मृतक की पत्नी सोना देवी की तहरीर पर पड़ोस में रहने वाले वीरेंद्र कुमार, कौशलेंद्र, लोकेश, विजय के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। उनकी तलाश की जा रही है।