गोरखपुर। ओडिशा के कालाहांडी की तरह सीएम योगी आदित्यनाथ के जिले के भटहट सीएचसी की ये तस्वीरें भी परेशान और शर्मसार करने वाली हैं।
अस्पताल से पत्नी का शव कंधे पर ले जाने के लिए मजबूर दाना मांझी की ही तरह ही भटहट के अच्छेलाल को भी कुछ इन्हीं हालातों का सामना करना पड़ा। सीएचसी पर पिता की मौत के बाद शव ले जाने के लिए जब अच्छेलाल को एंबुलेंस नहीं मिली तो वह अपने पिता की लाश को किसी के सहारे गोद में ही लेकर सड़क तक आने को मजबूर हो गया। एक ऑटो वाले से आरजू मिन्नत के बाद वह किसी तरह पिता का शव घर ले जा सका।
अस्पताल परिसर में मृत परिवार की इस बेबसी को देखकर लोगों ने दांतों तले उंगली दबा ली। लेकिन बेशर्म अफसरों को तब भी कोई फर्क नहीं पड़ा। अस्पताल के स्टाफ तो मूकदर्शक बने सब देखते रहे। किसी ने अच्छेलाल को पिता का शव ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक मुहैया नहीं कराया। रो-रोकर अचेत हो जा रही हरिश्चंद्र की पत्नी शकुंतला ने बेटे के कंधे पर पति का शव देखा तो दिल पर पत्थर रखकर मदद के लिए आगे बढ़ गई। बेटा पिता का शव कंधे पर लिए ऑटो वाले से मिन्नतें कर रहा था तो शकुंतला उसे सहारा दे रही थीं। इससे पहले चिकित्सक की लापरवाही से मरीज की मौत होने का आरोप लगाते हुए इन्होंने अस्पताल प्रशासन के प्रति विरोध भी दर्ज कराया था। शायद यही बात जिम्मेदारों को इतनी नागवार गुजरी थी कि वो मानवता तक भूल गए।