बलात्कार मामले में दोषी डेरा प्रमुख राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाते हुए सीबीआई की विशेष अदालत के जज जगदीप सिंह के तेवर कड़े थे।
उन्होंने कहा कि गुरमीत राम रहीम ने जंगली पशु जैसा व्यवहार किया है जिसने अपने डेरे की साध्वियों को भी नहीं बख्शा। अपने नौ पन्नों के फैसले में जज ने कहा, ‘मामले के अजीबो-गरीब तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अदालत का नजरिया है कि यदि डेरा प्रमुख ही अपनी साध्वियों का यौन शोषण करता है और इसका खुलासा करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता है तो ऐसे व्यक्ति को अदालत से किसी तरह की नरमी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
दोनों पीड़िताओं ने डेरा प्रमुख को ईश्वर का दर्जा दिया था और उसकी उसी तरह पूजा करती थी। लेकिन उसने ऐसे अंधभक्तों का यौन उत्पीड़न कर गंभीरतम अपराध किया है।’ फैसला सुनाते वक्त जज ने यह भी कहा कि किसी धार्मिक संगठन के प्रमुख के तौर पर व्यक्ति द्वारा इस तरह का आपराधिक कृत्य संतों की छवि और सदियों पुरानी आध्यात्मिक-सामाजिक संस्कृति की पवित्रता को धूमिल करता है।