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औलाद नहीं थी तो अगवा कर लिया साथी का बेटा, आरोपी ऐसा गिरफ्त में आया

Sat, 26 Aug 2017 01:17 AM IST
amarujala.com, Presented by: शारुख खान
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करीब चार माह पहले गाजियाबाद के मसूरी के गांव पूठी से अगवा दो साल के बच्चे को पुलिस ने बरामद कर अपहरणकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है। अपहरणकर्ता बच्चे के माता-पिता के साथ ही मजदूरी करता था और उनके पड़ोस में रहता था। अपनी औलाद नहीं होने के चलते बच्चे को अगवा कर वह अपने गांव ले गया। 
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पुलिस ने एक मोबाइल नंबर की मदद से बच्चे को बरामद कर आरोपी को मसूरी से ही दबोच लिया। एसपी देहात अरविंद मौर्य ने बताया कि पूठी गांव निवासी राजू और सुमन मजदूरी करते हैं। अप्रैल 2017 में उनका पड़ोसी और साथी मजदूर वीरेश उनके दो वर्ष के बेटे मयंकल को लेकर गायब हो गया। तब पुलिस को मामले की कोई सूचना नहीं दी गई। 

मां एक ज्योतिषी के कहने पर बेटे को खोजती हुई एटा-इटावा पहुंच गई लेकिन वहां बेटा नहीं मिला। इस पर मां ने दो दिन पहले ही मसूरी पुलिस को बेटे के अपहरण की सूचना दी। उसके पास न तो बेटे की फोटो थी, न ही वीरेश की कोई जानकारी। 
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एसएचओ मसूरी सतेंद्र प्रकाश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मजदूर ठेकेदार से वीरेश के रिश्तेदार का नंबर निकलवाया और इसी नंबर की मदद से उसे मसूरी के कुढ़िया गढ़ी से धर दबोच लिया। उसके पास से मयंकल को भी बरामद कर लिया गया। पुलिस की पूछताछ में अपहरणकर्ता वीरेश ने बताया कि चार साल पहले उसकी शादी हुई थी, लेकिन कोई संतान नहीं थी। पत्नी से विवाद के चलते वह मायके में रहने लगी। वह मयंकल को बेटा मानता था, इसीलिए  उसे अगवा कर लिया।

बेटे को खोजने गई महिला की तीन माह की बेटी की हुई मौत
ज्योतिषी के बताने पर सुमन तीन माह की बेटी को लेकर मई में इटावा पहुंची। वहां बारिश में वह और उसकी बेटी भीग गईं। इससे तीन दिन बाद उसकी बेटी की मौत हो गई। अलीगढ़, इटावा और अन्य जिलों की पुलिस से बेटे के लिए गुहार लगाती रही। पति राजू की तबीयत खराब होने पर वह अकेले ही बेटे को ढूंढने निकली थी।
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