अमेरिका में एच-1 बी वीजा से धोखाधड़ी करना एक भारतीय टीचर को महंगा पड़ गया। मामले में भारतीय टीचर पर अमेरिकी कोर्ट ने 50,000 डॉलर से अधिक का जुर्माना लगाया और तीन साल की जमानती सजा सुनाई है। आरोपी भारतीय मूल की महिला टीचर जॉर्ज मारिआडस कुरुसू की आयु 58 वर्ष है। हालांकि महिला टीचर को जमानत पर रिहाई दी गई है।
घटना अमेरिका के हॉस्टन की है। जॉर्ज मारिआडस कुरुसू एक अमेरिकी एच-1 बी वीजा धारक है साथ ही वह फोर्ट स्टॉकटन इंडिपेंडेंट स्कूल डिस्ट्रिक्ट (एफएसआईएसडी) की पूर्व टीचर हैं। कुरुसू को जनवरी में दो मामलों में धोखाधड़ी का दोषी पाया गया था। एक तो विदेशी श्रम करार में धोखाधड़ी और दूसरा गवाह के साथ छेड़छाड़ कर आवेदन में झूठा बयान देने का दोषी पाया गया।
आरोपी कुरुसू ने स्वीकार किया कि उसने दिसंबर 2012 से मई तक कई व्यक्तियों को वीजा पैकेज उपलब्ध कराने के लिए 50,000 डॉलर से अधिक का धोखा दिया। उसने पीड़ितों से एच 1-बी वीजा, नौकरी और रहने की जगज दिलाने का वादा किया था।
आपको बता दें कि जब पीड़ितों ने व्यवस्था पर सवाल उठाया था तब कुरुसू ने पीड़ितों को चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने भुगतान नहीं किया तो वे अपनी नौकरी और वीजा दोनों खो देंगे। और साथ ही उसने सलाह दी कि वे एफएसआईएसडी से शिकायत न करें नहीं तो वे सभी एच 1-बी वीजा धारकों को खतरे में डाल देंगे।