पोर्क सॉसेज की तस्करी के मामले में भारतीय मूल की महिला न्यूजीलैंड में मुसीबत में फंस गई है। 59 वर्षीय मारिया वेनेविता सुवीरा लोबो को देश में गोवा पोर्क सॉसेज की तस्करी करने के प्रयास के लिए वेलिंगटन की एक अदालत ने जुर्माने के तौर पर 200 घंटे की समुदाय सेवा करने के लिए कहा है।
गौरतलब है कि हाल ही में हवाई यात्रा के दौरान लोबो के भाई ने उनको पोर्क सॉसेज दिया था। प्राथमिक उद्योग मंत्रालय (एमपीआई) का मानना है कि यह एक ऐसा काम है जिससे न्यूजीलैंड के खेती उद्योग और अर्थव्यवस्था अपंग हो सकती है। एमपीआई एक ऐसी संस्था है जो देश के बॉर्डर की देखभाल करती है।
एमपीआई ने लोबो पर 20 हजार डॉलर की पेनल्टी लगाई थी, जिसे न चुकाने की वजह से अदालत ने उन्हें 200 घंटे के लिए समाज सेवा करने का दंड दिया है। स्थानीय माडिया के मुताबिक न्यूजीलैँड में मीट का आयात करना अपराध माना जाता है। वहां की सरकार का मानना है कि इससे रोग और बीमारियां फैलती हैं।
इस मामले में लोबो के वकील ने उनका बचाव करते हुए कहा कि वो यह नहीं जानती थीं कि उनके इस कृत्य का देश पर क्या असर पड़ेगा। वकील ने कहा कि वो यह सॉसेज अपने निजी उपयोग के लिए लेकर आई थीं।