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'बेपटरी' होती ट्रेन, खत्म होती जिंदगीः 5 साल के आंकड़े चौंकाने वाले

Wed, 23 Aug 2017 01:34 PM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
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बेपटरी ट्रेन - फोटो : फाइल चित्र
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रेलवे के सुरक्षा ढांचे को बेहतर बनाने के प्रयासों के बावजूद पटरी से उतरने के कारण होनेवाली दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं। पांच साल के आकड़े चौंकाने वाले हैं। 
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रेलवे के सुरक्षा ढांचे को बेहतर बनाने के प्रयासों के बावजूद पटरी से उतरने के कारण होनेवाली दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं। उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटना सहित पिछले पांच साल में देश में 586 रेल धुर्टनाएं हुई हैं, जिनमें करीब 53 फीसदी घटनाएं ट्रेन के पटरी से उतरने के कारण हुई।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में शनिवार शाम उत्कल एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसमें 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 156 अन्य घायल हो गए।
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5 साल में 586 हादसे, आधे से ज्यादा बेपटरी होने की वजह से

बेपटरी ट्रेन - फोटो : फाइल चित्र
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच साल में 586 रेल दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें से 53 फीसदी घटनाओं का कारण ट्रेन का पटरी से उतरना रहा है। नवंबर 2014 से अभी तक 20 रेल दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें से कई साधारण घटनाएं थीं।

सबसे भीषण दुर्घटना 20 नवंबर 2016 को इंदौर-पटना एक्सप्रेस के कानपुर के पास पटरी से उतरने की थी, जिसमें 150 लोग मारे गए और 150 से अधिक लोग घायल हुए। 12 सितंबर 2015 को कालका से शिमला जाने वाली शिवालिक क्वीन पटरी से उतर गई थी, इसमें दो पर्यटकों की मौत हुई थी और 15 अन्य घायल हुए थे।

4 अगस्त 2015 को कामायनी एक्सप्रेस और जनता एक्सप्रेस की हुई दोहरी रेल दुर्घटना में 31 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 100 से अधिक घायल हो गए थे। दोनों ट्रेन पटरी से उतर गई थीं। इससे पहले भी पटरी से उतरने की वजह से कई ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हुई, जिसमें काफी लोगों की मौत हुई।
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