रामपुर में लूट की साजिश रच रहे अंतर जिला गिरोह के आठ बदमाशों को पुलिस ने घेर लिया। पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ में जमकर गोलियां चलीं, जिसमें दो इंस्पेक्टर और चार दरोगा समेत आठ पुलिस कर्मी घायल हो गए। पुलिस कार्रवाई में दो बदमाश भी गोली लगने से घायल हुए। पुलिस ने आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
इनके कब्जे से कई पिस्टल, कारतूस और दो कारें और एक बाइक मिली हैं। साथ ही सिविल लाइंस स्थित ओम ज्वेलर्स और सर्राफा कारीगर के यहां से लूटे सोने के जेवर और चांदी के साथ आठ हजार की नकदी बरामद की गई है। शनिवार को सुबह तड़के करीब तीन बजे पुलिस को सूचना मिली कि कुछ अंतर जिला गिरोह के बदमाश जजेज रोड पर दो कारों में सवार होकर बिलासपुर और कुंडा में लूटपाट की योजना बना रहे हैं।
एसपी के आदेश पर सिविल लाइंस और कोतवाली पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम ने इन बदमाशों की चारों ओर से घेराबंदी कर ली। बदमाशों ने पुलिस पर गोली चला दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। काफी देर दोनों ओर से गोलियां चलीं, जिससे आसपास कॉलोनी में लोग सहम गए। इस गोलीबारी में दो बदमाश दिल्ली के थाना तिहारपुर वजीराबाद निवासी रियासत पुत्र हामिद अली और इलियास पुत्र हबीब खां घायल होकर गिर पड़े।
बदमाशों के पास से लूट का माल बरामद
प्रतीकात्मक तस्वीर
बदमाशों की गोली से सिविल लाइंस इंस्पेक्टर ब्रजकिशोर मिश्रा, कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार सिंह, दरोगा सतीश कुमार, एसएसआई ब्रजेश कुमार सिंह, इंद्रेश कुमार, धर्मेंद्र गिरि, सिपाही भूप सिंह घायल हो गए। इस बीच पुलिस ने सभी बदमाशों को दबोच लिया। सभी घायल पुलिस कर्मी और दोनों बदमाशों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में लाया गया। हालत गंभीर होने पर दोनों बदमाशों को पुलिस कस्टडी में मेरठ रेफर कर दिया गया है।
पकड़े गए बदमाशों में गाजियाबाद के पूजा कॉलोनी निवासी जहीर खान, मुजफ्फरनगर का रहने वाला इरशाद, निसार, गाजियाबाद के हाशिम के पास से 15 जुलाई को हुई ओम ज्वैलर्स के मालिक विवेक अग्रवाल से 15 लाख के जेवर की लूट में 237 ग्राम सोना, दो किलो 200 ग्राम चांदी, आठ हजार रुपये और कोतवाली में हुई सोना कारीगर नईम से 12 लाख की लूट में कुछ ग्राम सोना बरामद किया है। बदमाशों पर पिस्टल कारतूस और दो कारें व एक मोटर साइकिल बरामद की है। चारों बदमाशों को पकड़े जाने की एसपी डॉ. विपिन ताडा ने प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दी। बाद में बदमाशों को जेल भेज दिया। एसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि बदमाशों का आपराधिक इतिहास तलाश किया जा रहा है।