फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौलाना ने किया ऐसा काम, बच्ची के पिता को नहीं हुआ यकीन, मेडिकल जांच में हुई पुष्टि

Wed, 25 Oct 2017 10:29 AM IST
amarujala.com- presented by: देव कश्यप
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन
मदरसे में बच्चे को तालीम दी जाती है, लेकिन मदरसे का इमाम ऐसी घिनौनी हरकत पर उतर आए तो लोग क्या करें। शुरुआत में पीड़िता के पिता को भी यकीन नहीं हुआ की एक इमाम ऐसा कर सकता है।
विज्ञापन


घटना महाराष्ट्र के नागपाडा के चौकी मोहल्ला इलाके की है, जहां 8 साल की बच्ची के परिजनों ने एक इमाम पर मासूम से तीन बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। मंगलवार (24 अक्टूबर) को जेजे मार्ग पुलिस आरोपी अब्दुल्लाह नाजी को मेडिकल जांच के लिए जेजे हॉस्पिटल ले गए। आरोपी को चार दिन के लिए पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है। 

ये भी पढ़ें- सौतेले भाई से रेप की शिकार नाबालिग बनी मां, परिजनों ने नवजात को 'ठुकराया'

पीड़िता के पिता ने बताया कि, ‘मेरे चार बच्चे मदरसे में तालीम हासिल करने के लिए जाते थे। ये जगह घर से महज एक गली दूर है। इनमें मेरी दो बेटियां, जिनकी उम्र 12 और 8 साल है, पिछले छह महीने से रोज मदरसे जाती थीं। हमें बताया गया था कि इमाम बहुत अच्छा आदमी है। यहां तक मेरा भाई भी रोज वहां जाता था।’
विज्ञापन
विज्ञापन

पेट दर्द की शिकायत के बाद हरकत में आए परिजन

प्रतीकात्मक तस्वीर
घटना का पता परिजनों को तब चला जब बीते 9 अक्टूबर को बच्ची घर लौटी तो उसने पेट दर्द की शिकायत की। शक के आधार पर बच्ची की बड़ी बहन ने सारी जानकारी मां को दी। पिता ने बताया, मदरसे का इमाम मोबाइल में गेम खेलने के बहाने बड़ी बहन को मदरसे से बाहर भेज देता था। मेरी पत्नी ने बताया कि इमाम ने हमारी बच्ची के साथ कुछ गलत किया है।

शुरू में लगा की ये झूठ है। एक इमाम कैसे ऐसी हरकत कैसे कर सकता है। 10 अक्टूबर को मैंने बेटी को स्कूल से बुलाया तो वो काफी डरी हुई थी। तब हमने पुलिस में शिकायत करने से पहले एक निजी डॉक्टर से मदद की गुहार लगाई। क्योंकि एक तरफ कौम है, एक तरफ बेटी है।

ये भी पढ़ें- चाचा ने की मासूम के साथ दरिंदगी की हदें पार, खून खौल जाएगा

शक यकीन में बदलने के बाद 14 अक्टूबर को इमाम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। मेडिकल जांच में भी बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। वहीं आरोपी इमाम को शफी मस्जिद से हटा दिया गया है, जो मूल रूप से नेरल का रहने वाला है। दूसरी तरफ कक्षा पांच में पढ़ने वाली बच्ची कुछ भी बोलने में काफी डर रही है। पुलिस ने मस्जिद के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की छानबीन शुरू कर दी है। हालांकि मदरसे में कैमरा नहीं लगा था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें