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सीरियल किलर ने किए कई चौंकानेवाले खुलासे, बताया लूट के बाद ट्रक यूपी-बिहार में ही क्यों बेचता था

Mon, 10 Sep 2018 11:55 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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30 हत्याओं का जुर्म कबूल चुके सीरियल किलर आदेश खामरा ने पुलिस की पूछताछ में की सनसनीखेज खुलासे किए हैं। ट्रक लूटने और उसके ड्राइवर और हेल्पर को मारने वाला आदेश खामरा अपने पूरे गिरोह के साथ काम करता था। इन्वेस्टिगेशन में बिलखिरिया पुलिस को पता चला है कि चार-पांच राज्यों में फैले हाईवे गैंग के नेटवर्क को कोई एक सरगना ऑपरेट नहीं करता। 
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कई छोटे-छोटे गिरोह मिलकर करते हैं अपराध 

हाईवे में लूट मचाने वाले उसके गिरोह में कई छोटे-छोटे गैंग थे जिनकी अलग-अलग जिम्मेदारी होती थी। गिरोह के कुछ सदस्य ट्रक ड्राइवर-हेल्पर की हत्या करते, एक अगल गैंग लूट का माल बेचता, कुछ अलग सदस्य ट्रक को बेचते। इस गिरोह के सभी सदस्यों की जिम्मेदारी बंटी हुई थी और यह सब कुछ योजना के मुताबिक होता था। 

आदेश खामरा का लुटेरा गिरोह रात के 11 बजने का इंतजार करता जब नो एंट्री खुल जाती थी। इसके बाद ही किसी ड्राइवर-क्लीनर को नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश करते थे और शहर से बाहर निकल जाते थे। 11 मील से लूटे गए ट्रक को भी वे समसापुर, सिरोंज, राजगढ़, ब्यावरा, मुंगावली, चंदेरी, गुना, ग्वालियर, फतेहपुर, पटना फिर सिलिगुड़ी तक ले गए थे। करीब 1500 किमी के सफर के बीच में मौका पाकर वे ड्राइवर-क्लीनर को मार डालते थे। ट्रक के सामान ग्वालियर में बेचा जाता था, जबकि ट्रक उप्र, बिहार या नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में बेचा जाता था। 
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रविवार को आईजी जयदीप प्रसाद के सवाल पर आदेश ने बताया, "सर मेरे जैसे देशभर में कई आदेश ये काम कर रहे हैं। इस आधार पर पुलिस का मानना है कि इस मामले में पड़ताल आगे बढ़ने पर एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इसके लिए कई राज्यों की पुलिस मिलकर साथ काम कर रही है। 

शराब दुकान पर हुई थी जयकरण-आदेश की दोस्ती 

सिर्फ आठ महीने पहले ही आदेश और जयकरण की दोस्ती हुई है। जनवरी 2018 में मंडीदीप की शराब दुकान पर उसकी मुलाकात जयकरण से हुई। उस वक्त जयकरण फोन पर किसी को ट्रक ड्राइवर मुहैया करवाने की बात कर रहा था। इसके बाद दोनों ने मिलकर कई वारदातों को अंजाम दिया। हालांकि बाद में जयकरण ने अपना नया गैंग तैयार कर लिया था, जो बिलखिरिया पुलिस ने पकड़ लिया। इस वारदात को अंजाम देने में जयकरण ने आदेश की मदद नहीं ली थी। 

सीरियल किलर ने पुलिस को गिनाई उनकी गलतियां

अमरावती केस में बरी हो जाऊंगा, टाटा का ट्रक चुराया, पुलिस ने अशोक लेलैंड का बताया 

साल 2010 में आदेश खामरा ने होशंगाबाद के सुखतवा से एक ट्रक लूटा था। इसमें सवार ड्राइवर-क्लीनर को मारने के बाद वह अमरावती पहुंचा। यहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। शनिवार देर रात हुई पूछताछ में आदेश ने पुलिस से कहा, "सर, इस मामले में तो मैं बरी हो जाऊंगा। पुलिस इस मामले में चालान पेश कर चुकी है। दो आरोपी अब भी फरार हैं। चालान में पुलिस ने अशोक लेलैंड का ट्रक जब्त करना बताया है, जबकि हमने तो टाटा कंपनी का ट्रक लूटा था। इस चालान में पुलिस ने कुछ और गलतियां भी की हैं।" 

नागपुर केस में मुझे सजा हो जाएगी : आदेश खामरा 

पुलिस ने जब उससे साल 2014 में नागपुर में हुए केस के बारे में पूछा तो वह बोला कि इस मामले में सजा हो सकती है। क्योंकि पुलिस के पास वो सीसीटीवी फुटेज भी हैं, जिनमें मैं दिख रहा हूं। लूटे के माल की रिकवरी भी हो गई है। 

अपराध की दुनिया में नया चलन, छोटे गैंग मिलकर कर रहे बड़ी वारदात : डीजीपी 

पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला ने बताया कि पुलिस इन्वेस्टिगेशन में ऐसे तथ्य सामने नहीं आए हैं कि कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। नया ट्रेंड विकसित हो रहा कि राज्यों में छोटे-छोटे गिरोह मिलकर बड़ी वारदात करते हैं। अब तक गिरोह ने 30 हत्याएं कबूली हैं और भी खुलासे हो सकते हैं। संभव है आरोपियों ने अन्य राज्यों में भी ड्राइवर और क्लीनर की हत्या कर ट्रक लूटने की वारदात की हों। भोपाल पुलिस द्वारा बारीकी से इन्वेस्टिगेशन किया जा रहा है। राजधानी पुलिस अच्छा काम कर रही है। डीजीपी ने रविवार को एसपी साउथ राहुल लोढा के ऑफिस जाकर मामले की जानकारी भी ली। 
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सीरियल किलर ने किए कई चौंकाने वाले खुलासे

टाटा के ट्रक ही क्यों चुराते थे? 

- टाटा के ट्रक की रीसेल वैल्यू ज्यादा है। संख्या ज्यादा होने से पहचान में नहीं आते। 

यूपी-बिहार ही क्यों ले जाते थे? 

- यहां चैकिंग का डर कम है। 

लूट-हत्या के अलावा और कोई मामला तो नहीं? 

- अभी तक मामले में कोई अन्य तथ्य सामने नहीं आया है। 

बीमा क्लेम का क्या होता है? 

- अधिकतर मामलों में खात्मा के बाद बीमा क्लेम ले लिया। 

यह खूनी खेल कितने करोड़ का? 

- अब तक 5 करोड़ की खरीद फरोख्त का खुलासा हो चुका। 
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