30 हत्याओं का जुर्म कबूल चुके सीरियल किलर आदेश खामरा ने पुलिस की पूछताछ में की सनसनीखेज खुलासे किए हैं। ट्रक लूटने और उसके ड्राइवर और हेल्पर को मारने वाला आदेश खामरा अपने पूरे गिरोह के साथ काम करता था। इन्वेस्टिगेशन में बिलखिरिया पुलिस को पता चला है कि चार-पांच राज्यों में फैले हाईवे गैंग के नेटवर्क को कोई एक सरगना ऑपरेट नहीं करता।
कई छोटे-छोटे गिरोह मिलकर करते हैं अपराध
हाईवे में लूट मचाने वाले उसके गिरोह में कई छोटे-छोटे गैंग थे जिनकी अलग-अलग जिम्मेदारी होती थी। गिरोह के कुछ सदस्य ट्रक ड्राइवर-हेल्पर की हत्या करते, एक अगल गैंग लूट का माल बेचता, कुछ अलग सदस्य ट्रक को बेचते। इस गिरोह के सभी सदस्यों की जिम्मेदारी बंटी हुई थी और यह सब कुछ योजना के मुताबिक होता था।
आदेश खामरा का लुटेरा गिरोह रात के 11 बजने का इंतजार करता जब नो एंट्री खुल जाती थी। इसके बाद ही किसी ड्राइवर-क्लीनर को नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश करते थे और शहर से बाहर निकल जाते थे। 11 मील से लूटे गए ट्रक को भी वे समसापुर, सिरोंज, राजगढ़, ब्यावरा, मुंगावली, चंदेरी, गुना, ग्वालियर, फतेहपुर, पटना फिर सिलिगुड़ी तक ले गए थे। करीब 1500 किमी के सफर के बीच में मौका पाकर वे ड्राइवर-क्लीनर को मार डालते थे। ट्रक के सामान ग्वालियर में बेचा जाता था, जबकि ट्रक उप्र, बिहार या नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में बेचा जाता था।
रविवार को आईजी जयदीप प्रसाद के सवाल पर आदेश ने बताया, "सर मेरे जैसे देशभर में कई आदेश ये काम कर रहे हैं। इस आधार पर पुलिस का मानना है कि इस मामले में पड़ताल आगे बढ़ने पर एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इसके लिए कई राज्यों की पुलिस मिलकर साथ काम कर रही है।
शराब दुकान पर हुई थी जयकरण-आदेश की दोस्ती
सिर्फ आठ महीने पहले ही आदेश और जयकरण की दोस्ती हुई है। जनवरी 2018 में मंडीदीप की शराब दुकान पर उसकी मुलाकात जयकरण से हुई। उस वक्त जयकरण फोन पर किसी को ट्रक ड्राइवर मुहैया करवाने की बात कर रहा था। इसके बाद दोनों ने मिलकर कई वारदातों को अंजाम दिया। हालांकि बाद में जयकरण ने अपना नया गैंग तैयार कर लिया था, जो बिलखिरिया पुलिस ने पकड़ लिया। इस वारदात को अंजाम देने में जयकरण ने आदेश की मदद नहीं ली थी।