इलाहाबाद के बाघराय इलाके में घरेलू कलह से आजिज विवाहिता ने मंगलवार रात अपने दो मासूम बच्चों को फांसी पर लटकाने के बाद खुद भी साड़ी का फंदा लगाकर जान दे दी। सुबह घटना की जानकारी होने पर सनसनी फैल गई।
डेमो
मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। पुलिस भी पहुंची। दरवाजा तोड़कर तीनों का शव फंदे से नीचे उतारा गया। मायकेवालों की तहरीर पर पुलिस ने ससुरालियों के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।
बाघराय थाना क्षेत्र के रोर गांव निवासी नागेंद्र दुबे की शादी तीन वर्ष पहले लालगंज अझारा के समापुर जूड़ापुर गांव निवासी मंजू देवी (28) पुत्री मुरलीधर मिश्र से हुई थी। मंजू के पिता फोर्स में हैं और इन दिनों छुट्टी पर घर आए हैं।
डेमो
आरोप है कि शादी के बाद से ही नागेंद्र पत्नी को एक लाख रुपये दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहा था। मंगलवार शाम पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। मंजू ने फोन पर अपनी चचेरी बहन वंदना और मां गीता को घटना की जानकारी दी।
इस पर उसकी मां ने सुबह पिता को उसके घर भेजने की बात कही थी। मां से बात करने की जानकारी होने पर नागेंद्र ने उसकी पिटाई कर दी। इससे नाराज मंजू बेटी वैष्णवी (2) व बेटे अमन (1) को लेकर कमरे में चली गई।
डेमो
रात में मंजू ने दोनों बच्चों को छत की धन्नी में तार के सहारे फांसी पर लटका दिया और खुद भी साड़ी का फंदा बनाकर उस पर झूल गई। सुबह नागेंद्र ने अंदर से बच्चों की आवाज न आने पर उसने स्वयं न देखकर गांव के लोगों से चर्चा की।
इसके बाद मंजू के मायके और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़वाकर देखा तो तीनों के शव फंदे से लटक रहे थे। ग्रामीणें की मदद से शव नीचे उतरवाए गए। मंजू के पिता मुरलीधर की तहरीर पर पुलिस ने पति और सास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पति, सास और ननद को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।