आधार कार्डधारकों का डाटा चुराने के मामले में गिरफ्तार आईआईटी खड़गपुर के एमएसएसी ग्रैजुएट अभिनव श्रीवास्तव ने हैकिंग के तरीके का खुलासा किया है।
पुलिस द्वारा 6 घंटे की पड़ताल के बाद अभिनव ने बताया कि वह किस तरह सरकारी वेबसाइट से आसानी से आधारकार्ड का डाटा चुरा लेता था। उसने पूछताछ में बताया कि 'वह वेबसाइट के यूआरएल में हाइपरटैक्स ट्रांसफर प्रोटोकोल सिक्योर (HTTPS) की गैर-मौजूदगी के चलते वह आसानी से आधारकार्ड का डाटा चोरी करता था।'
बता दें कि हाइपरटैक्स ट्रांसफर प्रोटोकोल सिक्योर HTTP का सिक्योर वर्जन है। इस प्रोटोकॉल के दौरान इंटरनेट में ब्राउजर से किसी भी वेबसाइट पर सुरक्षित कम्युनिकेशन किया जाता है। मतलब यह है कि ब्राउजर तथा वेबसाइट के बीच जो भी कम्युनिकेशन होता है उसको इनक्रिप्ट नहीं किया जा सकता। इसका ज्यादातर इस्तेमाल ऑनलाइन शॉपिंग और बैंकिंग लेनदेन को सुरक्षित करने के लिए होता है।
अभिनव ने ई-केवाईसी वेरिफिकेशन नाम की एक ऐप डेवलप की थी जिसके जरिए वो डेटा हैक किया करता था। ये एप्लिकेशन प्ले स्टोर पर भी मौजूद है। इस ऐप को नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर सर्वर पर होस्ट किया गया था। श्रीवास्तव ई-हॉस्पिटल एप्लिकेशन और उसके सर्वर से आधार र्काड का डेटा हैक करता था।
बता दें कि इस शातिर चोर के पास लगभग हजारों आधार कार्डधारकों का पता, मोबाइल फोन नंबर, ईमेल, उम्र और सेक्स की जैसी सभी संवेदनशील सूचनाओं का विवरण था।