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यूपी: 50- 500 रुपये में बिक रहे लड़कियों के मोबाइल नंबर

Sat, 04 Feb 2017 12:59 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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mobile shop
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महिलाओं की लचर सुरक्षा की वजह से सवालों में घिरे रहने वाले उत्तर प्रदेश से एक और शर्मनाक मामला सामने आया है। ऐसे मोबाइल रिचार्ज  वाले दुकानदारों को गिरफ्तार किया गया है जो लड़कियों के नंबर मनचलों को छेड़छाड़ करने के लिए मुहैया करा रहे थे। 
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यूपी के कई शहरों से ऐसे मामले सामने आएं जहां से लड़कियों के नंबरों को मनचलों को बेचा जाता था। सिम और रिचार्ज की दुकान चलाने वाले दुकानदार ये नंबर मनचलों को उपलब्‍ध कराते थे। ये नंबर उन दुकानदारों के पास तब आते थे जब लड़कियां उनसे अपना प्रीपेड मोबाइल नंबर रिचार्ज करवाती थीं। 

'रिचार्ज वाले भईया' के नाम से पहचाने जाने वाले ये दुकानदार लड़कियों के नंबर 50 से लेकर 500 रुपये तक में बेचते थे। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक खूबसूरत दिखने वालीं लड़कियों का नंबर 500 रुपये में तो सामान्य दिखने वाली लड़की का नंबर 50 रुपये में बेचा जाता था।
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ये खुलासा तब हुआ जब यूपी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 हेल्पलाइन का आकंड़ा सामने आया। दरअसल, पिछले चार सालों में 6 लाख शिकायतें इस नंबर पर आई और इनमें से 90 फीसदी केस फोन पर छेड़छाड़ करने के सामने आए।

'आपसे दोस्ती करनी है'

ये दुकानादर अपने यहां रिचार्ज करवाने आईं लड़कियों के नंबर सेव कर लेते थे और बाद में उन्हें मनचलों को दे देते थे। लड़कियों को इस बात की जरा भी भनक नहीं हो पाती थी कि उनके साथ क्या घटना होने वाली है। छेड़छाड़ करने वाले मनचले कॉल करके बस लड़कियों से कहते थे कि आपसे दोस्ती करनी है। इतना ही नहीं वे उनके व्हॉट्सएप पर अश्लील तस्वीरें भी भेजा करते थे। 

शाहजहांपुर से गिरफ्त में आए मोहम्मद ने अपना गुनाह कबूलते हुए छेड़छाड़ का जरीया बताया। उसने बताया कि उसने अपने जानने वाले दुकानदार से लड़की का नंबर लिया और उसे कॉल करने के अलावा कई बार अश्लील तस्वीरें भी भेजी थी।
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फेक आईडी पर मिल जाते थे छेड़छाड़ के लिए नंबर

खुलासा हुआ है कि इन आरोपियों को छेड़छाड़ के लिए फेक आईडी पर ये दुकानदार नंबर भी दे देते थे। इसकी वजह से ये लोग पुलिस की पकड़ में आने से बच जाते थे। इस पर एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस की गिरफ्त में न आए इसके लिए इन शातिरों के पास कई तरीके होते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि इस आरोप में आईपीसी की धारा 467 के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 

हेल्पलाइन पर शिकायत लेने वाले राजेस प्रताप यादव ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। उसने बताया कि जब मनचलों को ट्रेस करके उनके नंबर पर कॉल की गई तो वे अलग-अलग बहाने बनाने लग जाते हैं। चौंका देने वाली बात है कि इन आरोपियों में जवान, बेरोजगार, गांव के रहने वाले यानि हर तरह के लोग होते हैं। पूछे जाने पर कहते है कि  जिसको कॉल किया था वो मेरी गर्लफ्रेंड है। इतना नहीं एक ने कहा कि उसने गलती से नंबर मिलाया था। 
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