उत्तरी कर्नाटक में लड़कियों के साथ हो रही छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। पुलिस और प्रशासन की नाकामी के बाद लड़कियों ने इससे खुद ही निपटने का फैसला लिया है। उनका यह फैसला कर्नाटक में सुर्खियों में बना हुआ है और इसके बाद पुलिस को भी एक्शन लेने पर मजबूर होना पड़ा है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार बेलागवी शहर से 12 किलोमीटर दूर गांव में छात्राएं घर से बाहर अपने साथ डंडे लेकर चलती हैं, ताकि कोई मनचला उन्हें अपना शिकार न बना सके। बेंगलुरू मिरर को दी जानकारी के मुताबिक प्यास फाउंडेशन के डायरेक्टर किरण नाप्पानीकर कार कहना है, 'गांव में छेड़छाड़ की घटनाएं आम हो गई हैं और बार-बार शिकायत के बाद भी कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया।'
उन्होंने बताया कि आरोपियों की हिम्मत इस कदर बढ़ गई है कि वह स्कूल की छात्राएं क्या महिलाओं को भी छेड़ने से बाज नहीं आते और इसी के चलते छात्राओं को साथ में डंडे ले जाने की सलाह दी गई है।
माता-पिता से शिकायत करने में है खतरा
eve teasing
राजनीतिक दबाव न होने की वजह से इस गंभीर मुद्दे पर कोई एक्शन नहीं लिया जाता है। गांव में छेड़छाड़ के मामलों की संख्या पिछले 4-5 महीने ज्यादा बढ़ गई है, हद तो तब हो गई जब प्यास संगठन के एक सहायक की पत्नी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।
संगठन के एक सदस्य ने खुलासा किया कि टीचर के मुताबिक अगर लड़कियों के परिजनों से लड़कियों को सुरक्षा देने के लिए कहा गया तो वह उनका स्कूल आना बंद करा देंगे। स्कूल गांव से 1 किलोमीटर दूर है और लड़कियों को चलकर ही जाना पड़ता है, ऐसे में परिवार से शिकायत करना उनकी पढाई खतरे में आ जाएगी। करीब 5 हजार लोगों की संख्या वाले इस गांव में कानून व्यवस्था के लचर होने की वजह यह भी बताई जा रही है कि यहां लोगों को बस वोट बैंक की तरह देखा जाता है।