शफी ने सफाई में कहा कि उनके साथी वहां पीड़ित व्यक्ति के संग मजाक कर रहे थे, उनका उसे अपमानित करने का कोई मकसद नहीं था। उन्होंने कहा कि साथियों में शर्त लगी कि पीड़ित मुर्गा बनकर जमीन पर पड़े सौ के नोट को उठा पाएगा या नहीं। हालांकि, बाद में जब यह ज्यादा होने लगा तो शफी ने अपने साथियों को इस पर फटकार भी लगाई।
शफी ने कहा कि यह कांग्रेस की ओर से भाजपा को नीचा दिखाने की चाल है। कांग्रेस नहीं चाहती की अल्पसंख्यक समुदाय भाजपा के पक्ष में रहे और इसीलिए इस तरह की अफवाहों को उड़ाया जा रहा है।