दिल्ली स्थित सेना के मुख्यालय में चार बहरूपियों ने खुफिया अधिकारी बनकर घुसने की कोशिश की। उनमें एक महिला भी शामिल है। साथ ही आरोपियों में से एक ने तो सेना की वर्दी तक पहनी हुई थी। घटना शुक्रवार शाम 5 बजे की बताई जा रही है। जब चारों आरोपियों ने अंदर जाने की कोशिश की तो उन्हें पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पूछताछ के दौरान एक आरोपी ने बताया कि वह फेक नौकरी का रैकेट भी चलाता है।
मामले पर डीसीपी मधुर शर्मा ने बताया कि मुख्य आरोपी का नाम अमित शर्मा है। वह दिल्ली से सटे गाजियाबाद का रहने वाला है। वहीं अन्य आरोपियों में अमित की पत्नी हरजीत कौर, ड्राइवर सोनू सिंह और एक अन्य व्यक्ति संदीप शामिल है। यह सभी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, सेना भवन में आए थे। इसके बाद अमित शर्मा ने कहा कि वह लेफ्टिनेंट कर्नल अभिमन्यू शर्मा है। इसके बाद उसने पीएमओ द्वारा जारी एक आईडी कार्ड भी दिखाया।
वहां मौजूद गार्ड को चारों पर शक हो गया था। उसने जब आरोपियों से पूछताछ की तो उसे कुछ गड़बड़ लगी और उसने यह बात मुख्य सुरक्षा अधिकारी को बता दी। इसके बाद जब उसके आईडी कार्ड की जांच की गई तो वह नकली साबित हुआ।
चारों आरोपियों से एक साथ नहीं बल्कि अलग-अलग पूछताछ की गई। चौथे आरोपी संदीप कुमार ने कहा कि उसने सेना में नौकरी पाने के लिए अमित शर्मा को 2.5 लाख रुपये दिए थे। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद साउथ एवेन्यू पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ धोखा, जालसाजी और वेश बदलने के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। शर्मा ने पुलिस को यह भी बताया कि उसने एक प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट से एमटेक की पढ़ाई की है और आसानी से पैसे कमाने के लिए वह अपराध करने लगा।