डॉ. राजीव मिश्र
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पूर्व प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्र और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है।
ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के मामले में नामजद पूर्व प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्र और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को मंगलवार को कानपुर के साकेत नगर से गिरफ्तार किया गया। गोरखपुर के एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने मंगलवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी पुष्टि की है।
एसएसपी ने कहा कि पूर्व प्रिंसिपल और उनकी पत्नी मामले में मुख्य आरोपी हैं। पुलिस गिरफ्तारी के लिए इनकी तलाश कर रही थी। इस बीच एसटीएफ को इनकी लोकेशन कानपुर में मिली, जहां से एक अधिवक्ता के घर से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों को गोरखपुर लाया जा रहा है जहां इनसे पूछताछ की जाएगी। एसएसपी पंकज ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी को अहम बताया है।
एसएसपी आवास पर मीडिया से मुखातिब पंकज ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में घटना की जांच और गिरफ्तारी में तेजी के लिए एसटीएफ की भी मदद ली जा रही है। पहले से मिले इनपुट के आधार पर ही एसटीएफ ने कानपुर नगर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की। इसी बीच पता चला कि डॉक्टर दंपती कानपुर नगर के साकेत नगर के एक वरिष्ठ अधिवक्ता के घर पर हैं।
डॉ. कफील की गिरफ्तारी को दबिश
फाइल
डॉक्टर दंपती कानूनी सलाह के लिए उनके पास गए थे। सूचना के आधार पर एसटीएफ ने दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पंकज ने बताया कि इस केस के दूसरे आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश भी जारी है। उनसे अपेक्षा है कि वे जांच में सहयोग करेंगे। लेकिन इस मामले में आरोपी अगर जांच में सहयोग करने की बजाय भागने की कोशिश करेंगे तो उनके खिलाफ वारंट जारी कराके कुर्की की कार्रवाई भी की जा सकती है।
सबकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही सभी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। एसएसपी पंकज ने कहा कि विवेचना जल्दी पूरी करके चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जाएगी। लगातार आरोपियों के घर व उनके सगे संबंधियों के यहां पर पुलिस दबिश दे रही है। इस मामले की विवेचना गोरखपुर में चल रही है। गुलरिया थाने में मुकदमा भी दर्ज है।
डॉ. कफील की गिरफ्तारी को दबिश
सोमवार की आधी रात के बाद गोरखपुर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज करते हुए एक अन्य आरोपी डॉ. कफील खान के तुर्कमानपुर स्थित आवास पर छापा मारा। सीओ कैंट, सीओ गोरखनाथ और सीओ ट्रैफिक ने एक साथ उनके घर की तलाशी ली डॉ. कफील की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। मंगलवार को दिन में भी डॉ. कफील खान के घर पर छापा मारा गया लेकिन वह नहीं मिले। डॉ. कफील के विदेश भागने की खबर है।
ये था मामला
मेडिकल कॉलेज में 10 और 11 अगस्त को ऑक्सीजन की आपूर्ति ठप हो गई थी। इससे 100 बेड वार्ड के 34 बच्चों और मेडिसिन वार्ड के 16 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में बवाल मचा तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच मुख्य सचिव राजीव कुमार को सौंप दी।