एक बाप ने अपने जवान बेटे पर खौलता पानी डालकर उसे मौत के घाट उतार दिया। मौत से पहले बेटे ने जो खुलासा किया उसने सभी के होश उड़ा दिए..फिलहाल आरोपी पिता को पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। मामला इलाहाबाद के कर्नलगंज का है।
मंगलवार आधी रात सोते में हुए हमले में झुलसे दिनकर द्विवेदी को एसआरएन अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया। उसने मौत से पहले पुलिस को दिए बयान में बताया कि आपत्तिजनक हरकतों का विरोध करने की वजह से पिता ने उस पर हमला किया। कुछ घंटे पहले झगड़े में उसने पिता को थप्पड़ मार दिया था। आरोपी पिता को जेल भेज दिया गया है।
मांगलिक कार्यक्रमों में कराता था पूजा
आरोपी पिता प्रभाकर द्विवेदी पेशे से पुरोहित है। 2 बेटों में बड़ा बेटा 26 वर्षीय दिनकर उर्फ गोलू की पिता से नहीं बनती थी। मंगलवार आधी रात लगभग 12.30 बजे दिनकर अपने कमरे में सो रहा था तभी प्रभाकर ने भगोने में खौलता पानी लाकर उस पर डाल दिया। दिनकर चीखा तो छोटा भाई अंकित और मां सुशीला की नींद खुली।
छोटा भाई अंकित झुलसे दिनकर को पहले निजी हॉस्पिटल ले गया। वहां डॉक्टरों ने जवाब दिया तो दिनकर को एसआरएन अस्पताल ले जाकर भर्ती किया गया। वहां बुधवार रात करीब पौने तीन बजे उसने दम तोड़ दिया। कर्नलगंज पुलिस ने शव को सीलकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।
दम तोड़ने से पहले बयां की थी पिता की करतूत
पुलिस के मुताबिक मौत से पहले अपने दिए बयान में दिनकर ने कहा था कि उसके पिता प्रभाकर की हरकतें सही नहीं थीं। मोहल्ले की महिलाएं और लड़कियां शिकायत करती रही हैं कि वह अश्लील इशारे करता है। इसी वजह से कई बार मुहल्ले वालों से उसके पिता का झगड़ा भी हो चुका था। इसलिए दोनों के बीच झड़प होती रहती थी।
दिनकर ने ये भी उनके मकान में किराए पर रहने वाली लड़कियों से भी पिता बदसलूकी करता था। अक्सर रात में दरवाजा खटखटाकर खुलवाता और लड़कियों से चाय बनाने को कह देता। इस वजह से लड़कियां कुछ दिनों में ही कमरा खाली कर देतीं। ऐसे में परिवार को आर्थिक दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
कोर्ट ने भेजा जेल
मंगलवार रात हमले से कुछ घंटे पहले दिनकर ने इसी झगड़े के चलते पिता को थप्पड़ मार दिया था। इस पर बौखलाए प्रभाकर ने रात में बेटे पर खौलता पानी डालकर उसकी जान ले ली। दिनकर पर हमले के बाद कर्नलगंज थाने में उसके भाई अंकित की रिपोर्ट पर पिता प्रभाकर के खिलाफ केस लिखा गया था।
दिनकर की मौत के बाद मुकदमे में गैर इरादतन हत्या की धारा जोड़ दी गई। प्रभाकर को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उसने माना कि दिनकर ने उसे तमाचा मारा था इसलिए वह बौखला गया। कोर्ट के आदेश पर प्रभाकर को जेल भेज दिया गया।