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बुरे हाल में जी रहे दरोगा की पत्नी, बेटी और बेटे ने ट्रेन से कटकर दी जान

Thu, 26 May 2016 04:44 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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उत्तर प्रदेश में शामली में मंगलवार को रेलवे ट्रैक पर एक महिला और उसके जवान बेटा, बेटी का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। तीनों के शव की पहचान हुई तो पता चला जान देने वाले तीनों लोग एक दरोगा के घर वाले थे। मृतकों की हातल देखकर लगता है कि वह काफी परेशानी में जी रहे थे। बुधवार को तीनों का पोस्टमार्टम कराया गया।
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दरोगा की पत्नी, बेटा और बेटी के शवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक्सीडेंटल इंजरी (चोट) बताई गई है, जिसके आधार पर पुलिस का कहना है कि तीनों ने आत्महत्या की है। उधर, तीनों के शव मंगलवार देर रात करौदा महाजन गांव में पहुंचे, तो कोहराम मच गया। वहीं पर तीनों शव का अंतिम संस्कार किया गया।

मंगलवार शाम फुगाना थाना क्षेत्र के गांव करौदा महाजन निवासी उदयवीर ने मृतकों की पहचान कर बताया था कि मरने वालों में उनकी बहन मुनेश, भांजी लूना और भांजा धीरज है। साथ ही बताया था कि मुनेश के पति कृष्णपाल दिल्ली पुलिस में उपनिरीक्षक हैं और वह संतनगर बुराडी में रहते हैं।
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इसके बाद शामली कोतवाली पुलिस ने तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए मुजफ्फरनगर भेज दिए थे। रात 11 बजे तीनों शव करौदा महाजन पहुंचे। इस दौरान कृष्णपाल भी वहां पहुंचे और तीनों शव दिल्ली ले जाने की बात कहने गए।

मुनेश के परिजनों और अन्य ग्रामीणों ने एतराज करते हुए कहा कि इनका अंतिम संस्कार या तो करौदा महाजन में अथवा बागपत के गांव जिवाना में कराया जाए क्योंकि जिवाना गांव में मुनेश की ससुराल है। इसके बाद तीनों के शव का अंतिम संस्कार करौदा महाजन में ही कर दिया गया। मुनेश के भाई उदयवीर का कहना है कि मामले में हमें कोई कार्रवाई नहीं करनी। हादसे में हमारी बहन का परिवार उजड़ गया।
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चोंट लगने से हुई मौत: पोस्टमार्टम रिपोर्ट

पुलिस अधीक्षक विजय भूषण का कहना है कि तीनों शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डाक्टरों ने एक्सीडेंटल इंजरी (चोट) लगने से मृत्यु होना बताया है। उनका कहना है कि ऐसा तभी होता है, जब कोई जीवित रहते समय ट्रेन की चपेट में आने से कटा हो।

इससे स्पष्ट है कि मुनेश, उसकी बेटी और बेटे ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या की। यह भी पता चला कि मुनेश ने बेटी लूना का हाथ पकड़ा हुआ था। मौत होने के बाद भी दोनों के हाथ उसी स्थिति में मिले।

23 मई को हुई आखिरी बार बात 
बेटे सौरभ की किडनी फेल होने पर मौत हो जाने की वजह से मुनेश डिप्रेशन में थी, जिसके चलते वह अपनी बेटी लूना और बेटे धीरज के साथ घर से निकल गई थी। इसके बाद ही मुनेश के पति कृष्णपाल ने दिल्ली के कश्मीरी गेट थाने में उन तीनों की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 23 मई की दोपहर मुनेश ने करौदा महाजन में अपने भाई से फोन पर बात की। तब उसने बताया कि वह हरिद्वार में है। इसके बाद मुनेश के भाई ने बहनोई कृष्णपाल से बात की और बताया कि मुनेश कहां है। इसके बाद कृष्णपाल ने कॉल काट दी थी।
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