पुलिस बनकर आए और कोलकाता के व्यापारियों को चून लगा गए। उन्होंने व्यापारियों की पिटाई भी की। जानिए क्या है पूरा मामला...
घटना यूपी के गोरखपुर जिले की है। रेती रोड स्थित मून लाइट होटल के पास मंगलवार की सुबह 9:30 बजे पुलिस के वेश में आए चार बदमाशों ने कपड़ा कारोबारियों से 7.75 लाख रुपये ठग लिए। कोलकाता के रहने वाले कारोबारियों ने इसकी सूचना अपने स्थानीय दोस्त को दी।
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मामले की जानकारी होने पर कोतवाली पुलिस के साथ एसपी सिटी विनय सिंह मौके पर पहुंचे। छानबीन के दौरान पता चला कि वारदात होटल के सामने की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस को मामले में कुछ करीबियों के मिलीभगत का भी शक है।
कोलकाता के फारुखी रोड स्थित बड़तल्ला निवासी एसके नजरुल इस्लाम और महबूब हुसैन रेडीमेड कपड़ों के कारोबारी हैं। पिछले कई सालों की तरह दोनों संतकबीरनगर के बरदहिया कपड़े की मंडी में दिए गए माल के एवज में रकम लेने आए थे और शहर के मून लाइट होटल में ठहरे थे।
फाइल
कारोबारियों ने शनिवार और रविवार को संतकबीरनगर से वसूली गई रकम पांडेयहाता स्थित अपने दोस्त हाजी उर्फ टीटू के घर रखी थी। मंगलवार को पूर्वांचल एक्सप्रेस से दोनों को वापस जाना था। मंगलवार की सुबह बैग में कपड़े और अन्य सामान के बीच नजरुल इस्लाम ने 3.75 और महबूब ने चार लाख रुपये रखे और दोस्त के घर से रिक्शे से होटल आए।
दोनों होटल के पास जैसे ही उतरे एक बुलेट और एक बाइक पर सवार होकर चार लोग उनके पास आए और खुद को पुलिस वाला बताकर सामान चेकिंग की बात कही। लंबी कद काठी की वजह से कारोबारियों ने उन्हें पुलिस वाला मान लिया और सामान चेक करने को दे दिया।
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इस दौरान सवाल करने पर एक कारोबारी को बदमाशों ने थप्पड़ भी मार दिया। डरे सहमे व्यापारी बैग लेकर होटल में आ गए। बैग खोलकर देखा तो कपड़ों और सामान के बीच से रकम गायब मिली।
साप्ताहिक बंदी का फायदा मिला
मंगलवार को रेती रोड पर साप्ताहिक बंदी थी। ऐसे में बदमाश ठगी करने के बाद आसानी से फरार हो गए। शायद यह घटना अन्य किसी दिन होती तो कारोबारियों को होटल के बाहर रोके जाने पर तुरंत ही भीड़ एकत्र हो जाती।
वारदात के बाद घर जाना चाहते थे कारोबारी
रकम जाने के बाद कारोबारी इतना डर गए थे कि उन्होंने दोस्त को सूचना देने के बाद पुलिस को न बताने की बात भी बोली थी। बाद में दोस्त के समझाने के बाद उसने पुलिस को जानकारी दी और मामले की जांच शुरू हुई। कारोबारियों की यह देरी पुलिस के लिए परेशानी बढ़ाने वाली रही। पुलिस अफसरों का कहना था कि सूचना देरी से आने की वजह से बदमाश आसानी से निकल गए।
एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। टीमें लगाई गई हैं, जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।