आईटी कंपनियों में नौकरी की छंटनी से परेशान एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बुधवार को इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली। युवक ने तीन दिन पहले ही कंपनी में काम करना शुरू किया था। आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले का रहने वाला 25 वर्षीय गोपीकृष्णन दुर्गाप्रसाद पहले भी कई जगह नौकरी कर चुका था।
पुलिस को मिले सुसाइड नोट में गोपीकृष्णन ने लिखा, 'आईटी कंपनियों में नौकरी सुरक्षित नहीं है। मैं अपने परिवार को लेकर काफी परेशान हूं।' ये सुसाइड नोट विमल नगर स्थित कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए होटल से बरामद हुआ है, जहां गोपीकृष्णन ने आत्महत्या की।
पुलिस के मुताबिक इससे पहले गोपीकृष्णन दिल्ली और हैदराबाद में काम कर चुका था और हाल ही में उसकी पुणे की कंपनी में नौकरी लगी थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पहले तो गोपीकृष्णन ने अपने हाथ को कई बार चाकू से काटा, लेकिन जब इससे भी उसकी मौत नहीं हुई, तो उसने चार मंजिला इमारत की छत पर जाकर नीचे छलांग लगा दी।
गोपीकृष्णन के एक संबंधी वेंकटमूर्ति ने बताया कि उन्हें नहीं मालूम के उसने ऐसा क्यों किया। वह एक अच्छा लड़का था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इनफोसिस के सह संस्थापक नारायणमूर्ति ने कंपनी में छंटनी को रोकने के लिए वरिष्ठ कर्मचारियों को वेतन कम लेने की सलाह दी थी। साथ ही आईटी कर्मचारियों के एक फोरम ने भी राज्य सरकार से अपील की थी कि आईटी कर्मचारियों की छंटनी पर दखल दे।