पुलिस ऑफिस में बतौर लिपिक तैनात राणा प्रताप यादव ने एसएसपी का फर्जी दस्तखत कर 15 सिपाहियों के तबादले का आदेश जारी कर दिया। बुधवार को मामला पकड़ में आने के साथ ही महकमे में हड़कंप मच गया। प्रधान लिपिक से लगायत अन्य जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए एसएसपी ने राणा प्रताप यादव के खिलाफ कैंट इंस्पेक्टर को मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तार करने का आदेश दिया।
तत्काल मुकदमा दर्ज कर कैंट इंस्पेक्टर ने राणा की तलाश में दबिश दी लेकिन वह घर पर भी नहीं मिला। डायल 100 परियोजना के लिए एसएसपी आकाश कुलहरि ने हाल ही में कांस्टेबलों की ड्यूटी निर्धारित करते हुए सूची जारी की थी। आरोप है कि इस सूची में पुलिस ऑफिस के लिपिक राणा प्रताप यादव ने 15 सिपाहियों का नाम अपने से जोड़ा और एसएसपी का फर्जी हस्ताक्षर कर तबादले का आदेश जारी कर दिया।