दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके से पांच साल पहले लापता रेलकर्मी रामप्रसाद की 32 साल की बेटी किरन कुमारी ममता आश्रम में मिल गई। सीबीआई किरन की तलाश कर रही थी। इतना ही नहीं उसका पता बताने के लिए सीबीआई ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
जानकारी मिलने पर किरन के पिता बरेली पहुंच गए हैं। सोमवार को सीबीआईटी की टीम उसे लेने के लिए बरेली पहुंच रही है। जिला प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) के थाना लालगंज अजहरा के ग्राम मधुकरपुर के रहने वाले रामप्रसाद नार्दन रेलवे तुगलकाबाद में टेक्नीशियन वन के पद पर कार्यरत हैं।
उसका परिवार तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी के 86 ए 2 क्वार्टर में रहता है। 23 मई 2012 की दोपहर उनकी बेटी किरन कुमारी (वर्तमान में उसकी उम्र 32 वर्ष है) घर से 100 मीटर दूरी पर सिलाई-कढ़ाई सीखने को निकली थी।
घर में रामप्रसाद की पत्नी फूलकली और मानसिक मंदित छोटा बेटा राजकुमार था, जबकि रामप्रसाद उस सुबह 8.30 बजे से ड्यूटी पर थे। शाम तक किरन घर नहीं लौटी, तो उसके परिवार वालों को चिंता हुई।
उन्होंने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं लगा। रामप्रसाद सिलाई-कढ़ाई केंद्र पर गए तो बंद मिला। यह इलाका थाना पुल प्रहलादपुर के अंतर्गत आता है। रामप्रसाद ने वहां जाकर किरन के बारे में पता किया तो ठीक से जानकारी नहीं मिल पाई।
अगले दिन फिर वहां पहुंचे तो सिलाई-कढ़ाई केंद्र चलाने वाली सुधा ने बताया कि किरन हंगामा कर रही थी तो उसने 100 नंबर पर फोन करके पुलिस को बुलाया था। पुलिस उसे थाने ले गई थी। रामप्रसाद ने अगले दिन यह बात थाने जाकर कही तो उसे पुलिस कर्मियों ने हड़काकर भगा दिया।
तीन दिन बाद रामप्रसाद ने मामले की शिकायत डीएसपी से करके बेटी की तलाश कराने की गुहार की। उन्होंने मामले में गुमशुदगी लिखाकर जांच शुरू करा दी। किरन को तलाश करने की जिम्मेदारी एएसआई रणवीर सिंह और एसआई नरेंद्र कुमार को मिली लेकिन वह तलाश नहीं कर पाए।
इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर यह मामला 2014 में सीबीआई को ट्रांसफर हो गया। सीबीआई के एसपी एसएस ग्रुम की अगुवाई में किरन को तलाशने पर काम चल रहा था। तीन दिन पहले समाजसेवी शैलेश कुमार शर्मा ने ममता आश्रम में किरन को ढूंढा और काउंसलिंग करके पता जानने के बाद पुलिस संबंधित थाने को फोन किया। अब बेटी मिलने से परिवार में हर्ष है।