गुजरात में एक दलित युवक की पिटाई के आरोप में आठ को गिरफ्तार किया गया है। घटना 23 फरवरी की है जब आरोपियों ने अल्पेश पांडया को घेरकर उसकी पिटाई की और उसकी मूंछें भी मुंडवा दीं। पांडया का आरोप है कि ठाकोर समुदाय के लोगों ने उसे सिर्फ इसलिए पीटा क्योंकि उसने मूंछें रखी हुई थी।
मामला अहमदाबाद के साबरकांठा जिले के गोरल गांव का है। पीड़ित पांडया ने बताया कि वह बाइक पर अपने दोस्त के साथ कहीं जा रहा था, इस बीच लाठियां पकड़ कर रास्ते में खड़े आरोपियों ने उसे रोक लिया और उस पर डंडों की बरसात करने लगे। उन्होंने पांडया से पूछा कि उसे मूंछ रखने का हक किसने दे दिया? पांडया ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया और ब्लेड के मूछ मूंड की गई।
पांडया ने कहा कि उसने दो साल से मूंछें रखी हुई थी। चेहरा पतला होने के चलते पांडया का मानना था कि मूछ रखने से वह अच्छा दिखेगा। पांडया ने कहा कि आज तक गांव में ऐसा कभी नहीं हुआ। इतना ही नहीं समुदाय के लोगों ने उसके माता-पिता की भी पिटाई की।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच चल रही है। आठों आरोपियों में भवेशकुमार दला, कांजी चन्ना, अवनिश बाबू, डाला रामा, डूला जेसिंह, रमन भीखा, धांजी रामा और छगन प्रभु शामिल हैं। बता दें कि पिछले साथ अक्तूबर में दो दलितों को मूछ रखे जाने की वजह से गांधीनगर में पीटा गया था।