पुलिस के मुताबिक बैंक मुख्यालय के सर्वर को हैक कर वीसा और रूपी डेबिट कार्ड की जानकारी चुराई गई और फिर विदेश में करीब 12 हजार बार ट्रांजेक्शन कर 78 करोड़ रुपये निकाल लिए गए। दरअसल, हैकर्स ने कॉसमॉस बैंक के डेबिट कार्ड के माध्यम से होने वाले पेमेंट सिस्टम पर हमला बोला। इसके माध्यम से भारत में भी 2849 बार ट्रांजेक्शन कर ढाई करोड़ निकाले गए।
पुलिस के मुताबिक कॉसमॉस बैंक से साइबर डकैती के बाद हांगकांग में हॅनसन बैंक के एलएम ट्रेडिंग कंपनी में स्विफ्ट मैसेजिंग सिस्टम के जरिए पैसे डाले गए और उसमें से 13 करोड़ 92 लाख रुपये जमा करने के बाद निकाल भी लिए गए। इस तरह कॉसमॉस बैंक से कुल 94 करोड़ 42 लाख रुपये की डकैती हुई है।
सबसे पुरानी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक है कॉसमॉस बैंक
कॉसमॉस बैंक सबसे पुरानी को-ऑपरेटिव बैंक है जिसकी स्थापना 1906 में हुई थी। साल 1997 में बैंक का मल्टिस्टेट स्टेटस बहाल किया गया। इसकी 140 शाखाएं 7 राज्यों में हैं। बैंक के 20 लाख खाताधारक और 79 हजार शेयर होल्डर्स हैं। कॉसमॉस बैंक का वार्षिक टर्नओवर 18 हजार करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी बैंक में साइबर डकैती होने से खाताधारकों में हलचल मच गई है।