चंडीगढ़ में आईएएस अधिकारी की बेटी से छेड़छाड़ मामले ने दिल्ली की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। इस पूरे मामले में हरियाणा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला विपक्ष ही नहीं, अपनों के भी निशाने पर आ गए हैं। भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने चंडीगढ़ पुलिस के खिलाफ मामले की सीबीआई जांच कराने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का मन बनाया है।
वहीं सांसद राजकुमार सैनी ने पार्टी की छवि बचाने के लिए बराला से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा मांगा है। कांग्रेस ने इस मामले में गृह मंत्रालय के निर्देश पर जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले में मोदी सरकार पर हमला बोला है।
राज्य के प्रभारी महासचिव अनिल जैन ने हालांकि प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने की बात की थी, इसके बावजूद बराला की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। विपक्ष ने इस मामले को बड़ा सियासी मुद्दा बना लिया है, वहीं भाजपा में भी अंदरखाने मतभेद के स्वर उभरने लगे हैं।
स्वामी ने इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों को थाने से ही जमानत दिए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नशे में धुत गुंडों और पुलिस की अपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे और मामले की सीबीआई जांच कराने की गुजारिश करेंगे।
महिला आयोग की भी टेढ़ी नजर
विकास बराला और पीड़िता
पार्टी सांसद सैनी ने सीधे तौर पर बराला से इस्तीफा मांगते हुए कहा कि परिवार की जैसी बेल होती है, फल भी वैसे ही निकलते हैं। जिस पार्टी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया, उसी पार्टी के अध्यक्ष पर संगीन आरोप लगे हैं। ऐसे में पार्टी की छवि बचाने के लिए बराला को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। सांसद किरण खेर, अनुराग ठाकुर ने भी इस मामले में पीड़िता का पक्ष लिया है।
बेटी भगाओ अभियान
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर हरियाणा सरकार आरोपियों को बचाने में लगी है। घटनास्थल पर लगे 5 सीसीटीवी से फुटेज गायब कर दिए गए हैं। मोदी सरकार को अपने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का नाम बदल कर बेटी भगाओ अभियान रख देना चाहिए।
महिला आयोग की भी टेढ़ी नजर
इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने राज्य के डीजीपी से तत्काल विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए जांच में किसी तरह की कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया है।
आईएएस एसोसिएशन लिखेगा पीएम को पत्र
इस बीच पूरे मामले में फुटेज गायब होने की सूचना मिलने के बाद आईएएस एसोसिएशन भी सक्रिय हो गया है। एसोसिएशन जल्द ही प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर इस मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध करेगा।