नेशनल हाईवे पर रविवार की रात भीषण ट्रक और रोडवेज बस की टक्कर से हुए भीषण हादसे में मरे 25 यात्रियों में से 24 शवों की हालत इतनी खराब हो गई थी कि अपने भी उन्हें पहचान नहीं पाए। शिनाख्त न होने पर अपनों का शव घर ले जाकर अंतिम संस्कार करने की इच्छा भी पूरी नहीं हो पाई। मजबूरी में सभी ने दिल पर पत्थर रखकर शवों का सामूहिक अंतिम संस्कार करने की इजाजत दे दी। सहमति मिलने के बाद प्रशासन ने एक साथ सिटी श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर ली है।
डीएम डा. पिंकी जोवल ने बताया कि बस दुर्घटना के मृतकों का अंतिम संस्कार उनके परिवारी जनों की उपस्थिति में कराया जाएगा। सभी शवों के दावेदारों को उनको बुलाया गया हैं। मृतको का अन्तिम संस्कार किस प्रकार किया जाये इसके लिए अधिकारियों एवं नगर के सम्भ्रांत नागरिकों की कमेटी गठित कर उनसे भी आख्या ली गयीं। इस कमेटी में सीएमओ, एडीएम सिटी, एसपी सिटी, संयुक्त निदेशक अभियोजन, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज, रोटरी क्लब और अन्य सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी रहे।
शवों की सड़ांध रोकने को चार सिल्ली बर्फ और लगाई
बरेली (ब्यूरो)। हाईवे पर रविवार रात बस हादसे में जान गंवाने वालों के कंकाल सड़ने से पोस्टमार्टम हाउस और आसपास बदबू फैलने लगी है। इस सड़ांध को रोकने के लिए बृहस्पतिवार को चार सिल्ली बर्फ और मंगवाई गई। यह बर्फ पोस्टमार्टम हाउस के कमरे में रखे कंकालों के आसपास रखी गई है।
मृतकों के कंकालों का सोमवार को पोस्टमार्टम हुआ था। उनकी शिनाख्त के लिए कंकाल पोस्टमार्टम हाउस के एक कमरे में रख दिए गए। इस कमरे में फ्रीजर न होने के कारण कंकाल बर्फ लगाकर रखे गए थे। चार दिन में बर्फ गलकर बह गई और कंकाल भी सड़ने लगे, जिससे गर्मी में पोस्टमार्टम हाउस और उसके आसपास बदबू फैलने लगी, जिससे यहां आने वाले लोग बेहद परेशान हो गए। आलम यह है कि पोस्टमार्टम हाउस पर आने वाले लोग बदबू के कारण अंदर तक नहीं जा पा रहे थे। इसे देखते हुए बृहस्पतिवार को चार सिल्ली बर्फ और मंगवाकर कमरे में रखे कंकालों में लगाई गई।